उपनल कर्मियों को निकाले जाने से नाराज कांग्रेसियों ने किया विरोध

उपनल कर्मियों को निकाले जाने समेत कई मुद्दों को लेकर कांग्रेसियों ने कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उपनल कर्मचारियों को 3 माह से वेतन न मिलने और कर्नाटक में फंसे उत्तराखंड के विद्यार्थियों को वापस लाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान संविदा पर कार्यरत उपनल कर्मियों में से 60 से 70 प्रतिशत कर्मियों को मानदेय और प्रोत्साहन भत्ता भुगतान नहीं हुआ है। उपनल के माध्यम से प्रदेश में विभिन्न राजकीय, नगर निकायों और स्वायत्त संस्थाओं के तहत करीब 21 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। जिनमें से कई कर्मियों को मार्च और अप्रैल का वेतन अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि उपनल के माध्यम से करीब 50 फीसदी कर्मी स्वास्थ्य, विद्युत, जल, खाद्य और पुलिस जैसी आवश्यक सेवाओं में कार्यरत हैं। ऐसे में इस महामारी के दौरान यह अपनी जान की परवाह किए बगैर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार इन कर्मियों को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त प्रोत्साहन नहीं दे रही है। इसके अलावा कोरोना महामारी के बीच उपनल कर्मियों को नौकरी से हटाया जा रहा है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस ने सरकार से आग्रह किया है कि आगामी 20 मई तक उपनल कर्मचारियों का मानदेय और प्रोत्साहन भत्ता का भुगतान किया जाए और उनकी वेतन वृद्धि की घोषणा के अलावा उन्हें कोरोना वॉरियर्स घोषित करते हुए उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन भत्ता दिया जाए। वहीं, कांग्रेसियों ने कहा कि रुद्रपुर के नगर निगम से उपनल कर्मियों को नौकरी से हटाया गया है। ऐसे में यदि इन कर्मचारियों को तत्काल नौकरी पर बहाल और इनका मानदेय भुगतान नहीं किया गया तो कांग्रेस पार्टी विवश होकर आंदोलन करने पर बाध्य हो जाएगी।

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