पुलिस ने कोरोना संक्रमित महिला की अंत्येष्टि में निभाई जिम्मेदारी

एम्स में भर्ती कोरोना संक्रमित महिला की मौत हालांकि ब्रेन अटैक से हुई। महिला की अंत्येष्टि में गाइड लाइन का पालन स्वास्थ्य विभाग की अहम जिम्मेदारी है। जब विभाग ने यह जिम्मेदारी नहीं निभाई तो पुलिस ने मृतक महिला की अंत्येष्टि संपन्न कराई। इतना ही नहीं महिला के परिजनों को घर तक भी पहुंचाया।


लाल कुआं नैनीताल निवासी एक महिला की शुक्रवार की सुबह एम्स में मौत हो गई थी। ब्रेन अटैक के कारण महिला को यहां भर्ती कराया गया था इस बीच वह कोरोना संक्रमित हो गई थी। महिला के अंतिम संस्कार को लेकर स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
महिला अन्य बीमारियों के साथ कोरोना संक्रमित भी थी। इसलिए अंतिम संस्कार कैसे किए जाए इसकी गाइडलाइन को लेकर असमंजस बना रहा। कई बार के मंथन के बाद रात साढ़े आठ बजे महिला के अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर चंद्रेश्वर घाट पहुंचा। यहां मुख्य भूमिका में पुलिस की टीम रही।
आइएएस अपूर्वा पांडे, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल, तहसीलदार रेखा आर्य और पुलिस उपाधीक्षक वीरेंद्र सिंह रावत की मौजूद्गी में अंतिम संस्कार किया गया। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि महिला के पुत्र, पुत्री और पति सहित अन्य स्वजनों को पुलिस ने एंबुलेंस की व्यवस्था करके रात में ही हल्द्वानी भिजवाया।
करोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु पर गाइडलाइन का पालन करने के लिए स्वास्थ्य विभाग राजकीय चिकित्सालय का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी श्मशान घाट नहीं पहुंचा।
जिला प्रशासन को भेजी रिपोर्ट
ऋषिकेश के उपजिलाधिकारी प्रेम लाल के अनुसार, महिला के अंतिम संस्कार के लिए सीएमएस ऋषिकेश को टीम भेजने के लिए कहा गया था। उनके यहां से कोई भी व्यक्ति नहीं आया। सिर्फ एक एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई। इस संबंध में जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
मानवता के नाते निभाई जिम्मेदारी
एसपीएस राजकीय चिकित्सालयाषिकेश के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ड़ नरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार, महिला की मृत्यु एम्स में हुई थी इसलिए एम्स वालों को ही यह सब देखना था, इस मामले को एम्स वाले ही जाने। हमने मानवता के नाते एंबुलेंस उपलब्ध करा दी थी। चार पीपीई किट भी हमने दी।

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