मसूरी के इतिहास पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म को दादा साहेब फाल्के अवार्ड मिला

मसूरी के करीब दो सौ साल के इतिहास को सुनहरे पर्दे पर दर्ज करने वाले निर्देशक क्षितिज शर्मा की डॉक्यूमेंट्री फिल्म सवॉय:सागा ऑफ एन आइकॉन को प्रतिष्ठित दसवें दादा साहेब फॉल्के फिल्म फेस्टिवल 2020 में दोहरी जीत मिली है। सर्वश्रेष्ठ डाक्यूमेंट्री के लिए निर्देशक क्षितिज शर्मा और बेस्ट सिनेमेटोग्राफी के लिए अभिषेक सिंह नेगी को पुरस्कार मिला है।

यह फिल्म मसूरी के ऐतिहासिक सवॉय होटल के बहाने मसूरी के इतिहास पर नजर डालती है। देश विदेश के विभिन्न फिल्म फेस्टीवल में इस फिल्म का यह 19 वां पुरस्कार है। फिल्म में वॉयसओवर जाने माने अंग्रेजी लेखक गणेश सैली का है।

दादा साहेब फिल्म फेस्टीवल के आयोजनकर्ताओं ने लॉकडाउन के कारण सोशल डिस्टेंसिंग के मद्देनजर इस अवार्ड शो को सिर्फ फेसबुक पेज तक सीमित रखा। लिहाजा बेहद सादगी के साथ विजेताओं के नाम की घोषणा की गई। फिल्म निर्देशक क्षितिज शर्मा ने बताया कि दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल जैसा प्रतिष्ठित खिताब जीतने की खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। मुझे अपनी टीम पर गर्व है।

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