मास्क लगाने से बीमारी का खतरा होगा कम लेकिन बढ़ जाएंगी ये चुनौतियां

कोरोना वायरस से बचाव के लिए लगाए गए लॉकडाउन से पश्चिमी देश धीरे-धीरे बाहर आ रहे हैं। इसके मद्देनजर कई देशों में लंबे समय तक मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। हाल ही में ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी कहा था कि लोगों को फेसमास्क का प्रयोग करना चाहिए। लेकिन विशेषज्ञ इसकी अपनी ही समस्याएं और चुनौतियां गिना रहे हैं। उनका कहना है कि बदली परिस्थितियों के बीच इनसे निपटना आसान नहीं होगा।

सेहत पर असर संभव: डॉक्टरों के मुताबिक घर से बाहर निकलने वाले लोगों को कई घंटों तक लगातार मास्क लगाकर रखना होगा। इससे सेहत संबंधी कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। खासकर त्वचा पर घाव या लाल निशान बन सकते हैं।

आपसी मेल-जोल कम होगा: पहले लोग मास्क पहनने वालों को गलत नजरिये से देखते थे, लेकिन अब परिस्थिति बदल गई है। अब जान बचाने के लिए यह जरूरी हो गया है। लोग ज्यादा आपसी संपर्क से बचेंगे।

संक्रमण का डर सताएगा: मास्क लगाने के बावजूद लोगों में कोरोना संक्रमण होने का डर भी लगातार बना रहेगा। वे इसे लेकर असहज महसूस करेंगे। इससे उन लोगों को ज्यादा बैचेनी या तनाव हो सकता है, जो कोरोना को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित हैं।

मानसिक तनाव बढ़ेगा: मनो वैज्ञानिक डेविड अब्राम ने कहा कई लोग मास्क को डर का प्रतीक मानते हैं। कुछ मास्क पहनकर आरामदायक महसूस नहीं करते। लेकिन उन्हें सरकार आदेश मानना ही होगा और अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाने होंगे।

चेहरा पहचानने में दिक्कत: बड़े पैमाने पर लोगों द्वारा मास्क पहनना फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक के लिए भी काफी सिरदर्द बन सकता है। कई बार ऐसा होता है कि सीसीटीवी फुटेज ही अपराध की जांच करने के दौरान अहम सुराग होते हैं।

अपराध में बढ़ोतरी होगी: लोग मास्क से अपने चेहरे ढंककर रखेंगे तो अपराध और सुरक्षा संबंधी समस्याओं में भी बढ़ोतरी होगी। वे अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में मास्क पहने लोगों द्वारा किए अपराध के मामले बढ़ने लगे हैं।

About Surkanda Samachar

View all posts by Surkanda Samachar →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *