विधायक अमनमणि त्रिपाठी मामले में उत्तराखण्ड में सब अधिकारी झाड़ रहे हैं पल्ला

देहरादून जिला प्रशासन ने सरकार के निर्देश बताते हुए यूपी निर्दलीय विधायक अमन मणि त्रिपाठी समेत दस लोगों को बदरीनाथ और केदारनाथ जाने का पास जारी कर दिया। लेकिन चमोली के जिला प्रशासन ने बदरीनाथ के कपाट नहीं खुलने का हवाला देते हुए उन्हें चमोली जिले की सीमा से लौटा दिया। पुलिस के मुताबिक, विधायक ने जो पत्र दिखाया, उसमें उन्होंने यूपी के सीएम आदित्यनाथ के पिता के पितृ कर्म के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ जाने की बात कही।
पुलिस के मुताबिक रविवार को यह सभी लोग तीन कारों में सवार होकर बदरीनाथ आ रहे थे। चमोली जिले की सीमा पर चेकिंग के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम ने इन्हें आगे जाने से रोककर वापस भेज दिया। टिहरी जनपद स्थित मुनीकीरेती में लॉकडाउन का उल्लंघन करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

बदरीनाथ के कपाट नहीं खुले हैं, इसलिए लौटाया: एसपी
पुलिस अधीक्षक यशवन्त सिंह चौहान ने बताया कि विधायक अमनमणि त्रिपाठी समेत 10 लोगों को चमोली जिले की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति इसलिए नहीं दी गई, क्योंकि अभी बदरीनाथ के कपाट खुले ही नहीं हैं। चौहान ने बताया कि इन लोगों ने बताया कि, उनके पास उत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश द्वारा जारी अनुमति पत्र है।
योगी के पिता के पितृ कार्य का दिया हवाला
एसपी ने बताया कि, इन लोगों ने कहा कि, वे उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री के स्वर्गीय पिता के पितृ कार्य के लिये बदरीनाथ धाम जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें केदारनाथ भी जाना है। लेकिन प्रशासन ने सख्ती के साथ इन सभी को लौटा दिया।

दो मई को चले देहरादून से
दो मई को यह लोग तीन वाहनों से देहरादून से श्रीनगर पहुंचे। अनुमति पत्र के अनुसार 3 मई को इन्हें श्रीनगर से बदरीनाथ, 5 मई को बदरीनाथ से केदारनाथ और 7 मई को केदारनाथ से वापस देहरादून जाना था। जिन तीन वाहनों में ये आये, इनमें दो वाहन यूपी और एक उत्तराखंड के नम्बर का था।

नियमों को ताक पर रखकर जारी हुआ पास
लॉकडाउन के दौरान ओरेंज जोन से ग्रीन जोन में जाने को पास जारी करने के सख्त मानक हैं। इसके बावजूद मानकों को ताक पर रख कर अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री ओमप्रकाश के पत्र के आधार पर देहरादून जिला प्रशासन ने यूपी के विधायक अमनमणि त्रिपाठी समेत नौ लोगों को बदरीनाथ, केदारनाथ धाम जाने की मंजूरी दी।

गृह मंत्रालय की गाइड लाइन को भी रखा ताक पर
मंजूरी देने के दौरान गृह मंत्रालय की गाइड लाइन को भी ताक पर रखा गया। गाइड लाइन के अनुसार एक साथ पांच से अधिक लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित है। इसका जिक्र स्वयं जिला प्रशासन स्तर से दी गई मंजूरी में भी किया गया है। इसके बावजूद पहले शासन स्तर से 11 लोगों को देहरादून से बदरीनाथ, केदारनाथ जाने की मंजूरी देने के लिए डीएम देहरादून को कहा गया। फिर देहरादून जिला प्रशासन ने शासन के पत्र को आधार बना कर 9 लोगों को मंजूरी दे दी।

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