उत्तराखंड कि 40 से ज्यादा सड़के बंद चमोली-उत्तरकाशी के 330 गांव बर्फ से ढके

राजधानी देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में बुधवार को भी मौसम मिजाज बिगड़ा रहा। बारिश और बर्फबारी का सिलसिला थमने को नहीं है। उत्तरकाशी और चमोली जिले में बर्फ में कैद गांवों की संख्या बढ़कर करीब 330 पहुंच चुकी है। वहीं प्रदेश में 26 मुख्य मार्गों समेत 40 से ज्यादा रास्ते बंद हो गए हैं। पर्वतीय और ऊंचाई वालों के इलाकों में भारी बर्फबारी के चलते 26 मुख्य मार्ग अवरूद्ध हो गए हैं। इन मार्गों से यातायात पूरी तरह बाधित है। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी मार्गों को खोलने में जुटी है। लेकिन लगातार बारिश और हिमपात से मार्गों को खोलने में दिक्कत आ रही है। प्रमुख अभियंता लोनिवि हरिओम शर्मा का कहना है कि हिमपात और बारिश थमी तो अवरूद्ध हुए आधे मार्ग बुधवार तक खोल दिए जाएंगे।

मसूरी में दिनभर की बारिश के बाद शाम करीब पांच बजे से बर्फबारी शुरू हुई तो होटलों में ठहरे सैलानी बर्फबारी का लुत्फ उठाने बाहर निकल आए। टिहरी जिले के धनोल्टी, नई टिहरी, चंबा, सुरकंडा, कद्दूखाल आदि क्षेत्रों में अपराह्न बाद जमकर बर्फबारी हुई। भारी बर्फबारी के कारण चंबा-धनोल्टी, लंबगंाव-प्रतापनगर, लंबगांव-कोटालगांव-चमियाला, नगुन-भवान, घनसाली-तिलवाड़ा मोटर मार्ग पर आवाजाही बंद हो गई।

 पहाड़ के अन्य हिस्सों में भी सुबह से ही बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा। उत्तरकाशी जिले में करीब दो सौ गांव बर्फ से ढक गए हैं। समुद्र सतह से 1500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। बर्फबारी के चलते गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे समेत जिले के आधा दर्जन से अधिक मोटर मार्गों पर दूसरे दिन भी यातायात बाधित रहा।

चमोली जिले में 130 गांव बर्फ से ढक चुके हैं। जोशीमठ, गोपेश्वर, पीपलकोटी, नंदप्रयाग, घाट, गैरसैंण, नारायणबगड़, थराली, देवाल आदि सुदूरवर्ती गांवों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। 25 से अधिक पेयजल योजनाओं के स्रोत बर्फ में तब्दील हो गए हैं। लोग बर्फ पिघलाकर पीने के पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।  जिले में जोशीमठ-मलारी, गोपेश्वर-चोपता, जोशीमठ-औली, जोशीमठ-परसारी, जोशीमठ-नरसिंह मंदिर, सलूड़-डुंगरा, लोहाजंग-वाण, ग्वालदम-चिडिंगा मल्ला, निजमूला-पगना, घाट-रामणी मार्ग अवरुद्ध हैं। चमोली में मौसम के बिगड़े मिजाज को देेखते हुए डीएम ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है। 

रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम में सात फीट तक नई बर्फ जम चुकी है, जबकि पांच फीट बर्फ पहले से मौजूद थी। पैदल मार्ग भी बर्फ से ढक चुका है। त्रियुगीनारायण, झोषी, तोषी के अलावा रांसी, गौंडार, उनियाणा, राउलेंक, दैंडा, चौमासी, चिलौंड, जाल तल्ला व मल्ला समेत रानीगढ़, धनपुर और बच्छणस्यूं पट्टी के जंगल से लगे गांवों में भी आधा से ढाई फीट तक बर्फ जम चुकी है। 

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