शीतकाल में हो रही भारी बर्फबारी से बदरीनाथ मार्ग पर हनुमानचट्टी से बदरीनाथ के बीच लगभग दो दर्जन हिमखंड बने

शीतकाल में हो रही भारी बर्फबारी से बदरीनाथ मार्ग पर हनुमानचट्टी से बदरीनाथ के बीच लगभग दो दर्जन हिमखंड बने हुए हैं। इन्हें काटकर हाइवे को सुचारु करना बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। हालांकि, बीआरओ की चार जेसीबी मशीन और 25 मजदूर हाइवे से बर्फ हटाने के काम में जुटे हुए हैं। हनुमानचट्टी से बदरीनाथ के बीच 11 किमी क्षेत्र में बदरीनाथ हाइवे पर दस फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है, जबकि रड़ांग बैंड, कंचन गंगा, घुड़सिल व पागल नाला क्षेत्र में 20 से अधिक भारी-भरकम हिमखंड हाइवे का रास्ता रोके हुए हैं। 50 फीट से अधिक ऊंचे ये हिमखंड पहाड़ी से अलकनंदा नदी तक पसरे हुए हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अभी भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है और आए दिन बर्फबारी हो जा रही है।

ऐसे में हाइवे से बर्फ हटाकर उसे आवाजाही के लिए सुचारू बनाने में बीआरओ के पसीने छूट रहे हैं। हालांकि, बीआरओ ने बर्फ हटाने के लिए हाइवे पर चार जेसीबी मशीनें और 25 मजदूर लगाए हुए हैं। लेकिन, बार-बार हिमखंडों के टूटने और मौसम के खराब होने से कार्य लगातार बाधित हो रहा है। बदरीनाथ धाम के कपाट आगामी 30 अप्रैल को ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाने हैं। सीमा सड़क संगठन के कमांडर मनीष कपिल का कहना है कि हनुमानचट्टी से आगे बदरीनाथ हाइवे को खोलने का काम लगातार जारी है। जिस गति से बीआरओ के कर्मचारी कार्य कर रहे हैं, उससे हाइवे के बदरीनाथ तक जल्द सुचारु होने की उम्मीद है। चमोली जिले में 40 गांव एक हफ्ते बाद भी बर्फबारी के कारण अलग-थलग पड़े हुए हैं। बर्फबारी के चलते जोशीमठ विकास खंड के हनुमानचट्टी क्षेत्र में बाधित हुई बिजली आपूर्ति 50 दिन बाद भी सुचारु नहीं हो सकी है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं


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