डॉक्टरों के अनुसार कोरोनावायरस से लड़ने और बचने के लिए जागरूकता ही एकमात्र हथियार

डॉक्टरों के अनुसार कोरोनावायरस से लड़ने और बचने के लिए जागरूकता ही एकमात्र हथियार है। कोई टीका या दवा न होने के कारण बीमारी से बचाव पर ध्यान देना जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार बीमारी से बचाव बेहद आसान है। इससे अन्य लोगों में भी इसे फैलने से रोका जा सकता है।दून अस्पताल में कोरोना के नोडल अफसर बनाए गए टीबी व चेस्ट विभाग के प्रोफेसर डॉ. अनुराग अग्रवाल सभी मरीजों को खुद भी जागरूक कर रहे हैं। डॉ. अनुराग के अनुसार सामान्य फ्लू के लक्षण भी कोरोना जैसे होते हैं। इसलिए केवल लक्षणों से परेशान होने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने बताया कि केवल उन्हीं लोगों को खतरा ज्यादा है, जो पिछले कुछ समय में प्रभावित देशों से लौटे हैं। इसके अलावा पीड़ितों के संपर्क में आने वालों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि बीमारी से बचाव के लिए पीड़ित के संपर्क में आने से बचना जरूरी है।  डॉक्टरों के अनुसार कफ व हैंड हाइजीन से ही 80 फीसदी मामले कम किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि खांसते वक्त वायरस निकलकर हवा में फैलते हैं। ऐसे में खांसते वक्त रुमाल या कोहनी मोड़कर लगाएं। इसके अलावा एक बार हाथ मिलाने पर 115 मिलियन वायरस इधर से उधर हो जाते हैं। संदिग्ध के संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के संक्रमित होने का खतरा रहता है। बीमारी से बचने के लिए हाथ मिलाने और बार-बार मुंह पर हाथ लगाने से बचें।

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