प्रदेश के युवा लंबे समय से रोजगार का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकारी नौकरियां फाइलों से बाहर नहीं निकली

प्रदेश के युवा लंबे समय से रोजगार का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकारी नौकरियां हैं कि फाइलों से बाहर निकलने का नाम नहीं ले रहीं। पहले 2019 को रोजगार वर्ष के तौर पर मनाने की सरकार की घोषणा से भर्ती खुलने का इंतजार था, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात। अब 2020 शुरू हो चुका है, लेकिन विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार की ओर से कोई कवायद नहीं हुई। नौकरी के इंतजार में कइयों की तो उम्र भी ढलने की कगार पर है। फिलहाल सरकार ने अब 2020 को रोजगार वर्ष के तौर पर मनाने की घोषणा की है। इससे नौकरी की तलाश में सड़कों की धूल फांक रहे नौजवानों की आंखों में एक बार फिर चमक आ गई है। इस उम्मीद में कि शायद इस बार भर्तियों का पिटारा खुले और बेरोजगारी के सागर में हिचकोले खा रही उनकी नैय्या पार हो जाए। 

बिजली के तीनों निगम इन दिनों सुर्खियों में हैं। वजह है आला अधिकारियों की ताजपोशी। दरअसल, जिस निगम में एमडी की तैनाती के लिए विज्ञप्ति निकाली गई थी, वहां पर नए एमडी की नियुक्ति अब तक नहीं की गई है। वहीं, दूसरी ओर एक अन्य निगम में एमडी बदल दिया गया है तो दूसरे में कार्यकारी एमडी नियुक्त किया गया है। यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएनएल के अधिकारियों व कर्मचारियों में इसको लेकर खूब चर्चा हो रही है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर ऊर्जा निगम में चल क्या रहा है? अधिकारियों की तैनाती को लेकर काफी दिनों से चर्चा चल रही थी कि किस अधिकारी को किस निगम का एमडी तैनात किया जाएगा। एक निगम में तो एमडी की तैनाती हो चुकी है जबकि दो निगमों में एमडी की तैनाती को लेकर चर्चाएं गरम हैं। अब शासन स्तर पर इसका निर्णय लिया जाएगा।

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