प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले साढ़े तीन हजार शिक्षकों की होगी जांच ,जांच के लिए डेढ़ साल मांगने पर कोर्ट सख्त

हाईकोर्ट ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्त साढ़े तीन हजार शिक्षकों की जांच तीन हफ्ते में पूरी कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। स्टूडेंट वेलफेयर सोसायटी हल्द्वानी की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें कहा है कि राज्य के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब साढ़े तीन हजार अध्यापक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्त किए गए हैं।

इनमें से कुछ अध्यापकों की एसआईटी जांच की गई। इनमें खचेड़ू सिंह, ऋषिपाल, जयपाल के नाम सामने आए, लेकिन विभागीय अफसरों की मिलीभगत से इनको क्लीन चिट दे दी गई। ये अभी भी कार्यरत हैं। संस्था ने इस प्रकरण की एसआईटी से जांच कराने की मांग की। पूर्व में राज्य सरकार ने शपथपत्र पेश कर कहा था कि इस मामले की एसआईटी जांच चल रही है। अभी तक 84 अध्यापक ऐसे सामने आए हैं, जिन्होंने जाली दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति पाई है। उन पर विभागीय कार्यवाही चल रही है।

जांच के लिए डेढ़ साल मांगने पर कोर्ट सख्त
सोमवार को राज्य सरकार की तरफ से इस संबंध में शपथपत्र पेश कर कहा गया कि सभी शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कराने में डेढ़ साल का समय लगेगा। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन सप्ताह के भीतर जांच कराने को कहा। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में हुई। अगली सुनवाई दो नवंबर को होगी।

About Surkanda Samachar

View all posts by Surkanda Samachar →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *