सरकार ने आन्दोलनकारीओं के लिए वार्ता के दरवाजे खोले, लेकिन नहीं हुई प्रमोशन में आरक्षण पर चुपी साधी

प्रमोशन पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर दो मार्च से बेमियादी हड़ताल की चेतावनी के बीच प्रदेश सरकार ने कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों से वार्ता के दरवाजे खोल दिए हैं। गतिरोध तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को मोर्चे पर उतारा है।
कौशिक ने कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को आज विधानसभा भवन में वार्ता की। इस दौरान कहा गया कि 20 हजार उपनल कर्मियों को राहत मिलेगी। नियमावली बनाई जाएगी। हालांकि प्रमोशन में आरक्षण पर बैठक में चर्चा नहीं हुई। बताया गया कि अब विधानसभा सत्र के बाद बैठक होगी।

बैठक में उत्तराखंड सचिवालय संघ व राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष व महासचिव तथा उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के मुख्य संयोजक व सचिव संयोजक को न्योता भेजा गया था। ये सभी पदाधिकारी प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन की हाई पावर संयोजक मंडल में भी शामिल हैं।

कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में वित्त, कार्मिक, चिकित्सा स्वास्थ्य, राज्य संपत्ति, सैनिक कल्याण व गोपन विभाग के सचिवों को उपस्थित होने के लिए कहा गया। कार्मिक विभाग की ओर से सभी सचिवों को पत्र भेजकर सूचना भेजी गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *