फूलों की घाटी आज खुलेगी पर पर्यटक नहीं कर पाएंगे दीदार

अपनी जैव विविधता के लिए दुनिया भर में मशहूर फूलों की घाटी नेशनल पार्क आज से खुल जाएगा। 12000 फीट की ऊंचाई में 87-5 वर्ग किलोमीटर में फैली फूलों की घाटी में मौसमवार पांच सौ से अधिक प्रजाति के रंग बिरंगे फूल खिलते हैं।

जिन्हें देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में देशी विदेशी सैलानी प्रतिवर्ष यहां पहुंचते हैं। फूलों की घाटी में देश-विदेश के बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। हर साल फूलों की घाटी खुलने से पहले वन विभाग की ओर से इसके लिए विशेष तैयारी की जाती है।

लेकिन इस बार कोरोना संकट के कारण अभी यहां पर्यटक नहीं पहुंच पाएंगे। सरकार के निर्णय के बाद यहां पर्यटकों को मंजूरी मिलेगी।

वन विभाग के डीएफओ किशन चन्द्र ने बताया कि फूलों की घाटी को एक जून को सुबह दस खोला जा रहा है, लेकिन घाटी के दीदार करने पर्यटक कब यहां पहुंचेंगे यह सब कुछ सरकार पर निर्भर करता है।

कहा कि यदि वेली में पर्यटक आयेंगे तो इससे जहां एक ओर वन प्रभाग को राजस्व मिलेगा तो वहीं स्थानीय लोगों एवं टूर एण्ड ट्रेवल से जुड़े लोगों को भी अच्छी आजीविका मिलेगी।

खिलने लगे फूल
भ्यूंडार से घाटी तक के चार किमी के पैदल रास्ते के अतिरिक्त घाटी के अंदर आठ से दस प्रजाति के रंग बिरंगे फूल अपनी रौनक बिखरने लगे हैं। कहीं फूल तो कहीं बर्फ घाटी को मनमोहक बना रही है। जो विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।

रेकी दल पहुंचा वापस
घाटी को खोलने से पहले घाटी की निगरानी करने गया वन विभाग का छह सदस्यीय दल भी वापस आ गया हैं । डीएफओ किशन चन्द्र ने बताया कि घांगरिया से वेली तक का चार किमी के रास्ते से अधिकंश ग्लेशियर पिघल चुके हैं व रास्तें में पांच जगह जहां पर रास्ता टूट गया था विभाग ने पुलिया तैयार कर ली है। बताया कि घाटी के अंदर भी भी काफी जगहों में ग्लेशियर एवं बर्फ मौजूद है।

500 से अधिक प्रजाति के रंग बिरंगे फूल
फूलों की घाटी को 1982 मे राष्ट्रीय पार्क का दर्जा मिला जिसके बाद इसे वर्ष 2005 मे विश्व धरोहर घोषित किया गया। फूलों कीघाटी के चारों ओर गौरी, नर पर्वत, कुण्ठ खाल, रत्ताकोना, पित्रा ग्लेशियर, सप्तश्रंग जैसी गगनचुम्बी हिम्माच्छादित पर्वत श्रंखलायें फैली है।

इसके अतरिक्त उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पायी जाने वाली सैकड़ों प्रजाति की जड़ी बुटियां भी यहां पाई जाती है। भ्यूंडार घाटी के शिर्ष पर स्थित फूलों की घाटी में प्रतिवर्ष मौसमवार 500 से अधिक प्रजाति के रंग बिरंगे फूल खिलते हैं।

फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान को हम उसके तय समय में खोल रहे हैं। यदि सरकार द्वारा पर्यटकों की यहां आवाजाही शुरू की जाती है तो पूरी स्क्रीनिंग के बाद ही पर्यटकों को घाटी में जाने दिया जायेगा। अब घाटी बंद होने तक हमारा 10 से 12 सदस्यों का स्टाफ नियमित घांगरिया में रहेगा । – किशन चन्द्र डीएफओ

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