पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। यमुना नदी सोमवार को दोपहार बाद खतरे का निशान पार कर गई है। नदी के बाढ़ क्षेत्र में अब किसी को रुकने की इजाजत नहीं है। पानी क्षमता से ज्यादा होने के बाद अब हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज के सारे गेट खोल दिए गए हैं। दिल्ली में शाम को सात बजे तक यमुना का जलस्तर 205.59 मीटर रहा। वहीं, मौसम विभाग ने हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में इस हफ्ते भारी बारिश की चेतावनी दी है। इससे संकट गहराने के आसार हैं।
अधिकारियों का कहना है कि वे बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। दिल्ली बोट क्लब में करीब 24 नौकाएं, गोताखोर, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की टीमें आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
दिल्ली पुलिस और डीडीएमए की राहत बचाव टीमों ने यमुना के किनारे की झुग्गियों में सर्च ऑपरेशन चलाया। प्रशासन ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र से सभी को बाहर निकाला। पूर्वी दिल्ली में गीता कॉलोनी के पास बंध रोड पर बने केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से 24 घंटे यमुना के जलस्तर की निगरानी हो रही है। दिल्ली में इतने जलस्तर को बाढ़ माना जाता है, तब लोगों को यमुना बाढ़ क्षेत्र से हर हाल में बाहर निकाल दिया जाता है। सोमवार की आधी रात में पानी अचानक बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को पहले ही बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को आश्वस्त किया कि शहर में कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं होगी। मानसून से पहले ही बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है। यदि थोड़ी बहुत समस्या आती भी है तो वह केवल फ्लड प्लेन क्षेत्रों तक सीमित रहेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को यमुना नदी और उससे सटे क्षेत्रों में बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करने के बाद यह बातें कही। मुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना में इस समय एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन वह बिना अवरोध व उतनी ही गति से आगे भी बढ़ रहा है। पहले ऐसा नहीं होता था, जिसके कारण जलभराव की स्थिति बनती थी।