
हरिद्वार और रुड़की के दो निजी अस्पतालों पर आरोप है कि अस्पतालों ने आईसीयू पैकेज का दुरुपयोग कर करोड़ों का घोटाला लिए है , जिसके चलते राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने हरिद्वार और रुड़की के दो निजी अस्पतालों क्वाड्रा हॉस्पिटल, रुड़की और मेट्रो हॉस्पिटल, हरिद्वार को निलंबित कर दिया गया है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने दोनों को पांच दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया है।
अस्पतालो ने सामान्य चिकित्सा के मामलों को भी सुनियोजित ढंग से ICU में भर्ती दिखाया। आंकड़े बताते हैं कि 1800 में से 1619 मरीजों को ICU में दाखिल दिखाया गया, जबकि इनकी हालत सामान्य थी। साथ ही साथ सामान्य बीमारियों जैसे उल्टी, यूटीआई और निर्जलीकरण में भी ICU भर्ती दर्शाई गई। अस्पताल रिकॉर्ड में सभी मरीजों का तापमान 102°F दिखाया गया, जो डिस्चार्ज के दिन अचानक 98°F हो गया। जो दस्तावेजी हेराफेरी की ओर इशारा करता है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कहा है कि अगर पांच दिन में जवाब नहीं मिला, तो इन अस्पतालों की संबद्धता स्थायी रूप से समाप्त कर दी जाएगी और आर्थिक दंड की कार्रवाई भी की जाएगी। यह कार्रवाई आयुष्मान भारत जैसी महत्वाकांक्षी योजना की पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।