देहरादून — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2024–25 के तहत हुए एमओयू (MoU) तथा उनकी ग्राउंडिंग (क्रियान्वयन) की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में विभागों द्वारा किए गए एमओयू की वर्तमान स्थिति, ज़मीन पर कार्यों की प्रगति, सामने आ रहे अवरोध और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान कुल 1,779 एमओयू, जिनका निवेश मूल्य ₹3,57,693 करोड़ निर्धारित किया गया था, में से अब तक ₹1,06,953 करोड़ के एमओयू की ग्राउंडिंग सफलतापूर्वक हो चुकी है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस उपलब्धि को उत्तराखंड के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य के लिए महत्त्वपूर्ण बताया और इसे निवेशकों के विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग-अनुकूल वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण कहा। उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक परिणाम को और आगे बढ़ाने के पर्याप्त अवसर मौजूद हैं, जिनसे राज्य को और लाभ मिल सकता है।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए:
✅ एमओयू एवं परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाले अवरोधों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
✅ प्रत्येक विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो एमओयू ग्राउंडिंग की सतत मॉनिटरिंग करे।
✅ यदि किसी नीति या प्रक्रिया में संशोधन, सरलीकरण या शिथिलता की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र पैरवी की जाए।
✅ उद्योगपतियों के साथ नियमित संवाद और संपर्क बढ़ाया जाए तथा उन्हें राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण और उद्योग-अनुकूल वातावरण की जानकारी दी जाए।
✅ परियोजनाओं के इम्प्लीमेंटेशन में अनावश्यक देरी न हो; सभी कार्यों को स्पष्ट टाइमलाइन के अनुसार पूरा कराया जाए और किसी प्रकार की पेंडेंसी न रखी जाए।
सीएम ने यह भी उल्लेख किया कि कुछ विभागों ने उत्कृष्ट कार्य किया है, जिसकी उन्होंने सराहना की।
सीएम धामी ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिया कि पिथौरागढ़, कैंचीधाम सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए अनुकूल निवेश वातावरण तैयार किया जाए।
पर्यटन विभाग ने अवगत कराया कि वे स्पेशल टूरिस्ट ज़ोन (STZ) के लिए एरिया-आधारित फोकस पॉलिसी तैयार करने की दिशा में कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि राज्य के प्रत्येक जनपद में प्रत्येक माह “उद्योग मित्र समिति” की बैठक आयोजित की जाए, जिसमें उद्योगों से जुड़े मुद्दों का समाधान और उद्योग-अनुकूल निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और प्राचीन गौरवशाली विरासत का केंद्र है। इसी दृष्टि से उन्होंने कई दिशा-निर्देश दिए:
✔️ इकोलॉजी-इकोनॉमी संतुलन पर आधारित यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु आवश्यक शोध कार्य करें।
✔️ हिंदू स्टडीज सेंटर और प्राच्य शोध केंद्र पर अग्रिम कार्रवाई जारी रहे।
✔️ स्पिरिचुअल ज़ोन डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाए।
✔️ भराड़ीसैंण में मंदिर और अन्य रचनात्मक निर्माण कार्य को प्राथमिकता मिले।
✔️ आयुर्वेद एम्स (AIIMS-style Ayurvedic Institute) की स्थापना के लिए आवश्यक कार्य तेज़ किया जाए।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनय शंकर पांडेय, रणजीत सिन्हा, एस. Adanki, श्री सी. रविशंकर, श्री डी.एस. गर्ब्याल, वन विभाग से श्री रंजन कुमार मिश्रा, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखंड सरकार की यह रणनीति निवेश आकर्षित करने, एमओयू को जमीन पर उतारने, औद्योगिक वातावरण सुधारने और पर्यटन-आधारित विकास को नई गति देने पर केंद्रित है। साथ ही संस्कृति, अध्यात्म और विकास के संतुलन को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे समग्र विकास का मॉडल तैयार हो रहा है।

