ढाका: बांग्लादेश अगले आम चुनाव की तैयारियों में है, और इस बार का राजनीतिक परिदृश्य बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण रूप ले रहा है। देश की सबसे पुरानी पार्टी अवामी लीग, जिसके नेतृत्व में शेख हसीना कई दशक तक रहीं, इस बार चुनावी मुकाबले में मौजूद नहीं है — जिससे सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
बांग्लादेश दक्षिण एशिया में एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक राष्ट्र है, जिसने 1971 में पाकिस्तान से आज़ादी के बाद लोकतंत्र, सैन्य शासन और तानाशाही—सभी का अनुभव किया है। मौजूदा माहौल में मुख्य राजनीतिक दलों और उनके नेताओं की भूमिका इस प्रकार नज़र आ रही है:
BNP की स्थापना: 1978
राजनीतिक विचार: राष्ट्रवाद, इस्लामी मूल्य और मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था
BNP को पारंपरिक रूप से अवामी लीग की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी पार्टी माना जाता रहा है। इस बार अवामी लीग के चुनावी गैर-हाजिर रहने के कारण BNP को अपनी ताकत दिखाने का बड़ा अवसर मिला है।
पूर्व नेता बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद पार्टी की कमान अब उनके बेटे तारिक रहमान के हाथ में है। आज BNP 10 दलों के गठबंधन का नेतृत्व कर रही है और इसे इस चुनाव में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
पिछला इतिहास:
जमात-ए-इस्लामी 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान विवादास्पद स्थिति में थी क्योंकि उसने पाकिस्तान का समर्थन किया था। इसके कई नेताओं पर युद्ध अपराधों के आरोप लगे थे और राजनीतिक गतिविधियां सीमित की गई थीं।
हालांकि, पार्टी अब शफीकुर रहमान के नेतृत्व में अपनी सक्रियता बढ़ा रही है। इस बार पहली बार उसने हिंदू उम्मीदवार कृष्णा नंदी को मैदान में उतारा है, जो पार्टियों के बीच विविधता की एक नई रणनीति मानी जा रही है।
जमात 11 दलों के गठबंधन का नेतृत्व कर रही है और BNP को कड़ी टक्कर देने की स्थिति में है।
स्थापना: फरवरी 2025
नेता: नाहिद इस्लाम
नेशनल सिटीजन पार्टी लगभग नई है और इसमें युवाओं की भारी भागीदारी है। इसे 2024 में शेख हसीना के विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े प्रमुख चेहरों ने बनाया था।
NCP ने जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाली गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है और चुनाव के बाद किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है, जिससे बांग्लादेश की सियासत में बड़ा बदलाव संभव है।
जातीय पार्टी की स्थापना पूर्व सैन्य शासक हुसैन मोहम्मद इरशाद ने की थी। एक समय यह पार्टी किंगमेकर की भूमिका निभाती थी, पर इरशाद के निधन के बाद इसका प्रभाव कमजोर हुआ। वर्तमान में यह अक्सर अवामी लीग का समर्थन करती रही है, इसलिए इसे सरकार-समर्थक विपक्ष भी कहा जाता है।
बांग्लादेश में कुल 50 से अधिक रजिस्टर्ड दल हैं, जिनमें से कई छोटे दल गठबंधन के माध्यम से राजनीति में अपने प्रभाव का प्रयास करते हैं। इनमें शामिल हैं:
- लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी
- अमर बांग्लादेश पार्टी
- बांग्लादेश लेबर पार्टी
- जातीय समाजतांत्रिक दल
- वर्कर्स पार्टी
- कम्युनिस्ट और वामपंथी दल
ये दल राष्ट्रीय गठबंधनों के हिस्से के रूप में चुनाव में भाग ले रहे हैं और क्षेत्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
बांग्लादेश के इस आम चुनाव में अवामी लीग के अभाव में BNP, जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी के गठबंधन और तालमेल के आधार पर भविष्य की राजनीति का नया नक्शा तैयार हो सकता है। युवा-आधारित राजनीति, धार्मिक और राजनैतिक गठबंधन, तथा नेतृत्व प्रतिस्पर्धा — ये सभी कारक इस चुनाव को पहले से कहीं अधिक रोचक बनाते हैं।

