नई दिल्ली। केरल विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची तय करने को लेकर हुई कांग्रेस की अहम बैठक में अव्यवस्थित प्रस्तुति पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी नाराज नजर आए। देर रात तक चली इस बैठक में उन्होंने नेताओं को स्पष्ट और तर्कपूर्ण तरीके से उम्मीदवारों के नाम पेश करने के निर्देश दिए।
बुधवार को हुई पहली बैठक में जब नेताओं ने बिना किसी ठोस तैयारी और व्यवस्थित प्रेजेंटेशन के चर्चा शुरू की, तो राहुल गांधी ने नाराजगी जताई। इसके बाद रात करीब 10:30 बजे उन्होंने दोबारा बैठक बुलाई और निर्देश दिया कि उम्मीदवारों की सूची पूरी तैयारी और स्पष्ट तर्कों के साथ पेश की जाए।
दूसरी बैठक में राहुल गांधी ने साफ कहा कि:
- उम्मीदवारों की सूची व्यवस्थित हो
- हर नाम के पीछे ठोस कारण बताया जाए
यह भी स्पष्ट किया जाए कि किन नेताओं को टिकट नहीं दिया जा रहा और क्यों
उन्होंने यह भी कहा कि केवल “किसे एडजस्ट करना है” इस आधार पर फैसले न लिए जाएं, बल्कि जीत की संभावना और राजनीतिक तर्क को प्राथमिकता दी जाए।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी की केरल इकाई में गुटबाजी के चलते कई सीटों पर विवाद सामने आया। अलग-अलग गुट अपने-अपने समर्थकों को टिकट दिलाने की कोशिश में लगे हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया जटिल हो गई है।
करीब 10 से 12 सीटों पर लंबी चर्चा और मतभेद देखने को मिले। बताया जा रहा है कि कुछ सीटों पर सर्वे में बेहतर उम्मीदवारों के नाम तक शामिल नहीं थे, जिस पर राहुल गांधी ने सवाल उठाए।
केरल में कम से कम पांच सांसद विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व इस पर सतर्क है। यदि एक सांसद को टिकट दिया जाता है, तो अन्य को भी मौका देना पड़ेगा, जिससे लोकसभा की कई सीटों पर उपचुनाव की स्थिति बन सकती है। पार्टी फिलहाल इससे बचना चाहती है।
पार्टी ने असम और केरल की अधिकांश सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। वहीं, तमिलनाडु के लिए 22 मार्च को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी, जिसके बाद कांग्रेस चुनाव समिति (CEC) अंतिम सूची जारी करेगी।
केरल में उम्मीदवार चयन को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और गुटबाजी ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। राहुल गांधी का सख्त रुख यह संकेत देता है कि पार्टी चुनाव से पहले संगठनात्मक अनुशासन और रणनीतिक स्पष्टता पर जोर देना चाहती है।

