वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करने पर सहमत हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका की जीत का भी ऐलान किया।
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि तेहरान समझौते के लिए तैयार है और वार्ता प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने संकेत दिया कि उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, मध्य पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के नेतृत्व में बड़े बदलाव हो चुके हैं और मौजूदा नेतृत्व पहले की तुलना में अलग सोच रखता है। उन्होंने इसे “सत्ता परिवर्तन” जैसा बताते हुए कहा कि अब हालात पहले जैसे नहीं रहे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल-गैस आपूर्ति से जुड़ा एक “बहुत बड़ा उपहार” अमेरिका को दिया है। हालांकि, उन्होंने इस “उपहार” का विवरण सार्वजनिक करने से इनकार किया, लेकिन इसे बेहद महत्वपूर्ण बताया।
ट्रंप ने शहबाज शरीफ के उस प्रस्ताव का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेजबानी की पेशकश की थी।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “मुझे यह कहना अच्छा नहीं लगता, लेकिन हमने यह युद्ध जीत लिया है।” उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी ताकत के सामने ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर है और अमेरिकी विमान तेहरान के ऊपर से उड़ान भर रहे हैं, जिनका ईरान जवाब नहीं दे पा रहा।
हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर अब तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन बयानों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।

