आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा पर जाने वाली बसों के संचालन के लिए लॉटरी अप्रैल के पहले सप्ताह में निकाली जाएगी। हालांकि, संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति को अभी तक सभी परिवहन कंपनियों से बसों का पूरा ब्योरा नहीं मिल पाया है।
संयुक्त रोटेशन के अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज की अध्यक्षता में हरिद्वार और ऋषिकेश में ट्रैवल एजेंटों की बैठक आयोजित की गई।
हरिद्वार से आने वाली बसों की डिमांड 10 परिवहन कंपनियों के जरिए ली जाएगी
ठेका वाहन और स्टेज कैरिज बसों के लिए अलग-अलग लॉटरी निकलेगी
केवल वास्तविक (मूल) डिमांड के आधार पर बस आवंटन होगा
फर्जी डिमांड मिलने पर:
अगला आवंटन (छूट नंबर) रद्द
₹25,000 का जुर्माना
सभी बसों के लिए गमन पत्र (परमिट) अनिवार्य होगा
बिना परमिट वाले वाहनों को चेकपोस्ट से वापस भेज दिया जाएगा
रोटेशन समिति ने परिवहन विभाग द्वारा हर साल बढ़ाए जाने वाले टैक्स का विरोध किया है। समिति का कहना है कि यदि टैक्स बढ़ाया गया तो वाहन स्वामी टैक्स जमा नहीं करेंगे, भले ही उनके ग्रीन कार्ड बनें या नहीं।
केवल वही एजेंट डिमांड दर्ज करा सकेंगे जिनके पास:
परिवहन विभाग या
पर्यटन विभाग का वैध प्रमाण पत्र हो
रोटेशन कार्यालय से ही यात्रियों को बसें आवंटित की जाएंगी
बैठक में यह भी तय हुआ कि ऋषिकेश पहुंचने वाले यात्रियों को हर हाल में बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ट्रैवल एजेंट की मांग के अनुसार बसें दी जाएंगी, ताकि यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो सके।
चारधाम यात्रा के लिए बसों की लॉटरी और सख्त नियमों के साथ इस बार यात्रा को बेहतर तरीके से संचालित करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि टैक्स को लेकर विवाद आगे चुनौती बन सकता है।

