भारतीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करते हुए Indian Navy ने शुक्रवार को दो बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। परमाणु शक्ति से चलने वाली पनडुब्बी INS Aridhaman और आधुनिक युद्धपोत INS Taragiri को नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया।
INS अरिदमन के शामिल होने से भारत का न्यूक्लियर ट्रायड और मजबूत हो गया है।
यह SSBN (न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी) है
भारत की तीसरी स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी
इससे पहले
INS Arihant
INS Arighat
नौसेना में शामिल हो चुकी हैं
👉 इससे भारत उन चुनिंदा देशों में और मजबूती से शामिल हो गया है, जिनके पास परमाणु पनडुब्बियों की क्षमता है।
Rajnath Singh ने इस मौके पर कहा:
“अरिदमन सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि भारत की शक्ति का प्रतीक है।”
वहीं Jyotiraditya Scindia ने इसे भारत के “अजेय साहस” का प्रतीक बताया।
INS तारागिरी भी भारतीय नौसेना के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
P-17A क्लास की चौथी स्टेल्थ फ्रिगेट
लगभग 75% स्वदेशी निर्माण
डिजाइन: भारतीय वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो
निर्माण: Mazagon Dock Shipbuilders Limited
इसकी खासियत:
हाई इंटेंसिटी युद्ध संचालन
समुद्री सुरक्षा और निगरानी
एंटी-पायरेसी ऑपरेशन
मानवीय सहायता मिशन
INS तारागिरी और INS अरिदमन का शामिल होना इस बात का संकेत है कि भारत अब रक्षा उत्पादन में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है।
इन दोनों शक्तिशाली प्लेटफॉर्म्स के शामिल होने से भारत की समुद्री ताकत, परमाणु प्रतिरोध क्षमता और रणनीतिक सुरक्षा में बड़ा इजाफा हुआ है। यह कदम हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की स्थिति को और मजबूत करता है।

