United States और Iran के बीच जारी तनाव के बीच हुआ 2 हफ्तों का सीजफायर सिर्फ एक अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि इसके पीछे आखिरी घंटों में चली तेज कूटनीति और दबाव की लंबी प्रक्रिया रही। The Wall Street Journal की रिपोर्ट में इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत टाइमलाइन सामने आई है।
सुबह 8:06 बजे (वाशिंगटन समय)
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो “एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।” इस बयान ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी।
सुबह 9 बजे
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) में उच्चस्तरीय बैठक
रक्षा सचिव और सैन्य अधिकारियों ने ईरान पर बड़े हमलों की योजना बनाई
United States Central Command समेत कई एजेंसियां सक्रिय
इस दौरान मिडिल ईस्ट में अमेरिकी और सहयोगी देशों की सेनाएं अलर्ट पर थीं।
दिनभर
दुनिया के कई नेताओं ने Donald Trump से संपर्क किया
युद्ध टालने और डेडलाइन बढ़ाने की अपील
सहयोगी देशों ने भी तनाव कम करने का दबाव बनाया
दोपहर 3 बजे
Shehbaz Sharif ने सार्वजनिक रूप से अपील की:
अस्थायी युद्धविराम स्वीकार किया जाए
Strait of Hormuz को खोला जाए
पूरी दोपहर
Donald Trump अपने सलाहकारों के साथ लगातार बैठक करते रहे।
फोन कॉल्स
युद्ध और शांति के विकल्पों पर चर्चा
प्रस्तावों के फायदे-नुकसान पर विचार
🕊️ शाम: सीजफायर का ऐलान
शाम 6:32 बजे
ट्रंप ने घोषणा की:
अगर Iran होर्मुज जलडमरूमध्य खोले
तो अमेरिका 2 हफ्तों के लिए हमले रोक देगा
रात 9 बजे
Iran ने कहा:
2 हफ्तों तक बातचीत के लिए तैयार
लेकिन यह युद्ध का अंत नहीं
शर्तों के साथ ही अंतिम समझौता संभव
United States और Iran के बीच हुआ यह सीजफायर दिखाता है कि कैसे कड़ी धमकियों, सैन्य तैयारी और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच कूटनीति ने आखिरी समय में भूमिका निभाई। फिलहाल यह सिर्फ अस्थायी राहत है, जबकि स्थायी शांति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

