मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच United States ने Iran को कड़ी चेतावनी दी है। अमेरिका के युद्ध मंत्री Pete Hegseth ने कहा है कि अगर दुनिया में कहीं भी अमेरिकियों को निशाना बनाया गया तो अमेरिका बिना किसी झिझक के जिम्मेदार लोगों का पीछा कर उन्हें खत्म कर देगा।
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच Pentagon में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हेगसेथ ने यह सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा, “अगर आप धरती पर कहीं भी अमेरिकियों को धमकी देते हैं, तो हम बिना किसी माफी और बिना किसी झिझक के आपका पीछा करेंगे और आपको मार गिराएंगे।”
अमेरिकी युद्ध मंत्री का यह बयान उस घटना के बाद आया है जिसमें Kuwait में ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद अमेरिका ने ईरान समर्थित ताकतों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत ईरान के खिलाफ कई सैन्य हमले किए हैं और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेगसेथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा— “नो अपोलॉजी, नो हेसिटेशन।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उनके मुताबिक जरूरत पड़ने पर ईरान की मिसाइल क्षमता, नौसेना और परमाणु कार्यक्रम को भी निशाना बनाया जा सकता है।
हेगसेथ का यह रुख Donald Trump प्रशासन की “अमेरिका फर्स्ट” नीति को दर्शाता है, जिसमें अमेरिकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान कूटनीतिक समाधान के बजाय सैन्य दबाव की रणनीति को मजबूत करता है।
दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालांकि अमेरिका का दावा है कि उसने क्षेत्र में हवाई प्रभुत्व स्थापित कर लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के तीखे बयानों से मध्य पूर्व में पहले से जारी तनाव और बढ़ सकता है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह युद्ध “अनंत” नहीं होगा, लेकिन उनका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। वहीं विश्लेषकों के अनुसार हेगसेथ के बयान का मकसद एक ओर अमेरिकी सैनिकों का मनोबल बढ़ाना है तो दूसरी ओर विरोधियों को कड़ा संदेश देना भी है।

