मां-बाप की डांट से नाराज छात्रा ने 12वीं मांजिल से कूदी

गाजियाबाद ।

बच्चों को सुधारने के उम्मीद लिए अगर आप उनपर हाथ उठाते हैं या तेज आवाज में बात करते हैं, तो यह खबर पढ़ लें. आज के बच्चों पर डांट या मार का असर उल्टा होता है. वे अपनी गलती समझने की जगह ईगो को आगे रख कोई भी गलत कदम उठा सकते हैं।

ऐसा ही हुआ उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में, जहां 9वीं कक्षा की बच्ची को मां-बाप की डांट इतनी बुरी लग गई कि उसने एक खौफनाक कदम उठा लिया. बच्ची ने अपनी बिल्डिंग की 12वीं मंजिल से कूद कर जान दे दी. फिलहाल पुलिस मौके पर पहुंच कर मामले की जांच में जुटी है।

मामला गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र का है. यहां अहिंसा खंड-दो स्थित एक सोसाइटी में बीती शुक्रवार शाम करीब 7.30 बजे संदिग्ध परिस्थितयों में 12वीं मंजिल से गिरकर एक बच्ची की मौत हो गई. क्लास-9 में पढ़ने वाली छात्रा कमरे की खिड़की से नीचे गिर गई.

वहीं, इंदिरापुरम थाना प्रभारी संजीव शर्मा ने बताया कि पुलिस की शुरुआती जांच में मां-बाप की डांट की वजह से छात्रा की नाराजगी की वजह सामने आई है।
आमतौर पर पेरेंट्स को पता ही नहीं होता कि बच्चों को किस तरह समझाया जाए. उन्हें लगता है कि डांटना या पिटाई करना ही एक कारगर विकल्प है. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. माता-पिता को यह बात समझनी होगी कि बच्चों को साथ बैठाकर आराम से चीजें समझाई जा सकती हैं. अगर वह जिद करते हैं, तो उन्हें तार्किक जवाब देनें की कोशिश करें. उन्हें उदाहरण से समझाएं कि वह जो करना चाहते हैं, उसके क्या गलत परिणाम हो सकते हैं. कुछ समय बाद बच्चे यह चीज समझने लगेंगे।

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