ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने खामेनेई को “उससे पहले मार गिराया, इससे पहले कि वह उन्हें मारता।”
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने कहा, “मैंने उसे पहले मार गिराया। उसने दो बार कोशिश की, लेकिन मैंने उसे पहले ही खत्म कर दिया।”
ट्रंप ने यह भी बताया कि पिछले 36 घंटों से अमेरिका और उसके सहयोगी “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” चला रहे हैं। उनके अनुसार, इस अभियान के तहत ईरान में सैकड़ों ठिकानों पर हमले किए गए, जिनमें रिवोल्यूशनरी गार्ड के अड्डे और ईरानी वायु रक्षा प्रणालियां शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि नौ नौसैनिक जहाजों और उनके संबंधित ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है और ईरान की सैन्य कमान पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। ट्रंप के मुताबिक, अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी रणनीतिक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते।
ट्रंप ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, सेना और पुलिस से हथियार डालने की अपील करते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों को “पूर्ण सुरक्षा” दी जाएगी, अन्यथा “निश्चित मृत्यु” का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने ईरान के नागरिकों से भी आह्वान किया कि वे “इस क्षण का लाभ उठाएं” और अपने देश को वापस लें। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जो वादा किया था, उसे पूरा किया है।
ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर हमले और ट्रंप के इन बयानों के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव और बढ़ गया है। पश्चिम एशिया में सैन्य कार्रवाई जारी है और कई देशों में विरोध-प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं।
हालात तेजी से बदल रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब क्षेत्र में आगे की संभावित सैन्य और कूटनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।

