अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में निर्धन परिवार के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ले सकेंगे; शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में निर्धन परिवार के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ले सकेंगे। राज्‍‍य सरकार ने उत्तराखंड बोर्ड द्वारा संचालित 190 अटल उत्कृष्ट विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड से अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए मान्यता दिलाई गई है।शिक्षा मंत्री ने गुरुवार को यह बात जीजीआइसी खताड़ी में अटल उत्कृष्ट विद्यालय के शुभारंभ पर कही। साथ ही देवीपुरा मालधन नंबर चार में उत्कृष्ट विद्यालय का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवता पर सुधार की समीक्षा के बाद ही अटल उत्कृष्ठ विद्यालय शुरू कराए गए। गरीब माता पिता मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों को अंगे्रजी माध्यम से शिक्षा नहीं दे पाते हैं। उन गरीब परिवारों की पीड़ा को समझते हुए अटल उत्कृष्ट विद्यालय खोले गए।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग भारत सरकार ने शिक्षा की गुणवता की समीक्षा की थी। जिसमें शिक्षा की गुणवता में उत्तराखंड देश में चौथे नंबर पर आया है। सभी शिक्षकों को प्रयास करना है कि उत्तराखंड शिक्षा की गुणवता में पहले नंबर पर आए। विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के अलावा स्कूलों में संसाधन दिए जा रहे हैं। अतिथि शिक्षकों का वेतन भी 15 से 25 हजार करके उनका भविष्य सुरक्षित किया है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि कुछ अन्य विद्यालयों को भी अटल उत्कृष्ट बनाने का प्रयास होगा। इससे पूर्व शिक्षा मंत्री ने विद्यालय परिसर में हरेला महोत्सव से पूर्व छायादार पौधा रोपते हुए प्रकृति के संरक्षण पर जोर दिया। शिक्षिका च्योति कुलाश्री के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, पूर्व सांसद बलराज पासी, भगीरथ लाल चौधरी, इंदर रावत, दिनेश महरा, पूरन नैनवाल, बोर्ड सचिव नीता तिवारी, अपर सचिव बृजमोहन रावत, प्रधानाचार्य केडी माथुर, पे्रमा जोशी मौजूद रही।

पूर्व सांसद बलराज पासी ने अटल उत्कृष्ठ विद्यालय के शुभारंभ के मौके पर खरी खरी बात कही। उन्होंने शिक्षकों व लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि चार साल में शिक्षक अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं। लेकिन कभी भी कोई शिक्षक या संगठन शिक्षा में सुधार करने को लेकर सुझाव लेकर नहीं आया। पासी ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी व शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी विद्यालय में नहीं पढ़ाते हैं। उन्हें इतना विश्वास नहीं है कि वह अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाकर उनका भविष्य सुरक्षित कर सकें। सरकार व शिक्षा मंत्री अपने प्रयासों से सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों की सोच को बदल रहे हैं। सरकारी स्कूलों के प्रति जो विश्वास खत्म हुआ उसे वापस लाना होगा। यही वजह है कि सरकारी विद्यालयों में छात्र अटल उत्कृष्ठ स्कूल के जरिए अब अंगे्रजी माध्यम से भी शिक्षा ले सकेंगे।

कार्यक्रम के दौरान विधायक दीवान सिंह बिष्ट बोल गए कि कहा जाता है कि उत्तराखंड में जो भी शिक्षा मंत्री बना वह चुनाव नहीं जीत पाया। हालांकि उन्होंने फिर अपनी बात को संभाल भी लिया। इसके बाद अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री ने कहा कि चुनाव जीते या न जीते इससे फर्क नहीं पड़ता है। यह राजनीति का हिस्सा है। जो पहले शिक्षा मंत्री थे उनके बाद भी प्रदेश व शिक्षा विभाग चला है। शिक्षा मंत्री हारे या जीते लेकिन शिक्षा विभाग जीतना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड की वजह से बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। ऐसे में उन बच्चों को स्कूलों में प्रवेश लेने के लिए वेबसाइट बनाई है। वेबसाइट का लिंक भी आ गया है।

 

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