सिडनी/कैनबरा:
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने देश में बढ़ते यहूदी विरोध (Antisemitism) पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि ऑस्ट्रेलिया में नफरत और यहूदी-विरोध के लिए कोई जगह नहीं है। बॉन्डी बीच पर हुए भीषण आतंकी हमले और उसके बाद बढ़ती कट्टरपंथी घटनाओं के बीच अल्बनीज ने कॉमनवेल्थ रॉयल कमीशन के गठन का ऐलान किया है, जो एंटी-सेमिटिज़्म की जांच करेगा।
इस रॉयल कमीशन की जिम्मेदारी ऑस्ट्रेलिया की पूर्व हाईकोर्ट जज वर्जीनिया बेल को सौंपी गई है। यह आयोग न केवल दिसंबर में हुए बॉन्डी बीच आतंकी हमले की विस्तृत जांच करेगा, बल्कि देश में यहूदी विरोधी भावनाओं, कट्टरपंथ और सामाजिक सौहार्द से जुड़े पहलुओं पर भी रिपोर्ट तैयार करेगा।
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने कहा,
“यह जांच नफरत और कट्टरपंथ के पीछे की वजहों को समझने और उनसे निपटने के लिए ऑस्ट्रेलिया की प्रतिक्रिया को और मजबूत करेगी।”
गौरतलब है कि 14 दिसंबर को सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी समुदाय के लोग हनुक्का (Hanukkah) उत्सव मना रहे थे, तभी ISIS से प्रेरित पिता-पुत्र साजिद अकरम और नावेद अकरम ने लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में 16 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 40 लोग घायल हुए थे। मृतकों की उम्र 10 से 87 वर्ष के बीच थी। इस घटना को ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने औपचारिक रूप से आतंकी हमला घोषित किया था।
प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा,
“यहूदी विरोधियों और नफरत के लिए हमारे देश में कोई स्थान नहीं है। यह रॉयल कमीशन यह सुनिश्चित करेगा कि हमारी संस्थाएं सभी समुदायों की सुरक्षा कर सकें, कट्टरपंथ पर लगाम लगे और समावेशन व सम्मान के वे मूल्य सुरक्षित रहें, जो ऑस्ट्रेलिया की पहचान हैं।”
रॉयल कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर ऑस्ट्रेलियाई सरकार भविष्य में कानून और नीतियों में सख्ती लाकर यहूदी विरोध और नफरत फैलाने वाली ताकतों पर निर्णायक कार्रवाई कर सकती है।
