भाजपा ने लिया एक और बड़ा फैसला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत को भी हटाने के निर्णय

भाजपा के चौंकाने वाले निर्णय हो रहे हैं। जहा दो दिन पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत की जगह तीरथ सिंह रावत रावत को सीएम बना दिया। वहीं करीब एक साल के कार्यकाल के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत को भी हटाने के निर्णय से हर कोई आश्चर्य में है। एक साल में भगत ने पूरे प्रदेश का दौरा कर पार्टी की मजबूती को जुट गए थे। यहां तक कोविड काल में भी वह घर में डरे नहीं बैठे रहे। खाद्यान्न वितरण से लेकर आम लोगों के बीच हमेशा बने रहे।

विधायक बंशीधर भगत के उम्र को लेकर भले ही तमाम लोगों का कहना था कि 72 वर्ष की उम्र में वह कहां दौड़ पाएंगे। उन्होंने इस उम्र में भी पूरे जोश के साथ प्रदेश का दौरा किया। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा।प्रदेश के जिस विधानसभा में भी भगत पहुंचते थे। उनका भव्य स्वागत हुआ। उन्हें कार्यकर्ताओं ने फूलमालाओं से लाद दिया। बंशीधर भगत की अपनी एक अलग पहचान है। जब वह बोलते हैंए पूरी बेबाकी से बोलते हैं। उनका यह अंदाज कार्यकर्ताओं को भी खूब भाता है।बंशीधर भगत जिस भी पद पर रहेंए वह हर किसी के लिए सहज उपलब्ध रहते हैं। प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए भी उनके घर पर मिलने वालों का तांता लगा रहता है। वह प्रत्येक व्यक्ति की बात को सुनते हैं और समाधान के लिए प्रयासरत दिखते हैं।

भाषण देते समय एक.दो बार वह ऐसा बोल गएए जिसकी वजह से उन्हें किरकिरी भी झेलनी पड़ी। भीमताल में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भगत ने नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश को लेकर कुछ टिप्पणी कर दी थी। हालांकि बाद में इसके लिए उन्होंने माफी भी मांग ली थी।
वर्ष 2000 में राज्य बनने से अब तक आठ प्रदेश अध्यक्ष बनाए जा चुके हैं। इसमें से पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी दो बार अध्यक्ष रहे। वहीं कुमाऊं से अब तक भगत सिंह कोश्यारी के अलावा पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री बची सिंह रावत बचदाए सांसद अजय भट्टए विधायक बंशीधर भगत प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। वहीं गढ़वाल से पूर्व सीएम नित्यानंद स्वामी व सीएम तीरथ सिंह रावत भी अध्यक्ष रह चुके हैं।

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