प्रदेश में अब कोरोना संक्रमित मरीजों में ब्लैक फंगस के संक्रमण के मामले भी सामने

प्रदेश में अब कोरोना संक्रमित मरीजों में ब्लैक फंगस के संक्रमण के मामले भी सामने आने लगे हैं। इससे एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। इस स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों का उपचार एक ही अस्पताल में करने के निर्देश दिए हैं, जिससे अन्य मरीजों में यह संक्रमण न फैले।

मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना संक्रमण की रोकथाम संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस के मामले में संबंधित मरीजों का पूरा विवरण रखा जाए। इसमें यह भी शामिल हो कि मरीज कहां से आया है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रतिदिन कम से कम 10 हजार व्यक्तियों की कोरोना की जांच अवश्य की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रभावी जांच की जाए और उसी के मुताबिक संक्रमण की रोकथाम की व्यवस्था बनाई जाए। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष से कम उम्र वालों और गर्भवती महिलाओं को छोड़कर सभी को आइवरमेक्टिन का कोर्स कराया जाए। जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि होम आइसोलेशन के बाद भी तमाम लोग बाहर घूम रहे हैं। ऐसे व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना की एंटीजन जांच तेज कर दी गई है। मंगलवार को विकासनगर और सहसपुर समेत चकराता के कोबला, क्वांसी व सुरास, त्यूणी के कुंडा, गौरा, हरिपुर, त्यूणा, सहसपुर के गौरखपुर, रायपुर के कार्लीगाड, डोईवाला के नागल बुलंदावाला, बुल्लागांव, दूधली बड़कली में 773 व्यक्तियों की जांच की गई। इनमें 40 व्यक्ति संक्रमित पाए गए।

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