समाचार लेख:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में युद्ध के बाद शांति और पुनर्निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का गठन किया है, जिसमें दुनिया के कई शीर्ष नेताओं को शामिल होने का आमंत्रण भेजा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता दिया गया है। इस बात की जानकारी रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने दी है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि राष्ट्रपति पुतिन को शांति बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण मिला है और रूस इस प्रस्ताव से जुड़ी सभी बारीकियों को अमेरिका के साथ स्पष्ट कर रहा है।
इस ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की अध्यक्षता स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। बोर्ड में गाजा के शासन और पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी संभालने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक फिलिस्तीनी समिति को भी शामिल किया जाएगा, जो क्षेत्र में प्रशासनिक और विकास कार्यों में सहयोग करेगी।
व्हाइट हाउस के अनुसार, यह बोर्ड ट्रंप के 20 सूत्रीय रोडमैप ‘कॉम्प्रिहेंसिव प्लान टू एंड द गाजा कॉन्फ्लिक्ट’ का हिस्सा है। इस योजना का उद्देश्य गाजा में लंबे समय से चल रहे संघर्ष को समाप्त करना, शांति और स्थिरता बहाल करना तथा पुनर्निर्माण के जरिए विकास को गति देना है।
अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का गठन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अनुरूप किया गया है। बोर्ड की भूमिका रणनीतिक निगरानी रखना, अंतरराष्ट्रीय मदद जुटाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना होगी, ताकि गाजा में स्थायी शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके।
