कल से होगा उत्तराखंड से चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के लिए बस संचालन शुरू

कल से उत्तराखंड से चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के लिए बस संचालन शुरू हो जाएगा। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण बीते दो माह से अंतरराज्यीय बस संचालन बंद है। उत्तराखंड रोडवेज को बस संचालन दोबारा शुरू करने को हिमाचल व उत्तर प्रदेश सरकार की स्वीकृति का इंतजार था, लेकिन मंगलवार को हिमाचल प्रदेश ने एक जुलाई से बस संचालन को स्वीकृति दे दी।उत्तराखंड से अंतरराज्यीय बस संचालन पड़ोसी राज्यों की हां-ना में अटका है। दरअसल, उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश की मंजूरी मिले बिना उत्तराखंड की रोडवेज बसें किसी भी दूसरे राज्य में नहीं जा सकती हैं। दिल्ली, राजस्थान व हरियाणा जाने के लिए उत्तराखंड की बसों को उत्तर प्रदेश के भीतर से होकर जाना पड़ता है, जबकि चंडीगढ़ व पंजाब जाने के लिए हिमाचल के सीमा क्षेत्र से होकर। कोरोना संक्रमण कम होने पर भी दोनों पड़ोसी राज्य बस संचालन की मंजूरी नहीं दे रहे थे।

उत्तर प्रदेश से बस संचालन को लेकर तो मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बीते सप्ताह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दूरभाष पर आग्रह भी किया था, लेकिन इसके बावजूद उत्तर प्रदेश अभी भी राजी नहीं दिख रहा। बस संचालन नहीं होने से राज्य को न केवल यात्रा सीजन में नुकसान उठाना पड़ रहा, बल्कि रोडवेज भी करोड़ों के घाटे में डूबता जा रहा है। कोरोना के कारण पिछले साल 22 मार्च से 25 जून तक रोडवेज बसों का संचालन बंद रहा था और इस साल अप्रैल के अंत से अभी तक बस संचालन ठप पड़ा है।

फिलहाल, केवल 150 रोडवेज बसों का संचालन रोजाना हो रहा है, वह भी प्रदेश के अंदरूनी मार्गों पर। इसमें भी गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के बीच बस संचालन बंद है, क्योंकि दोनों मंडल के बीच उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का कुछ हिस्सा पड़ता है। बस संचालन को गत एक माह से उत्तराखंड के अधिकारी उत्तर प्रदेश व हिमाचल के अधिकारियों से संपर्क साध रहे थे। इस बीच मंगलवार को हिमाचल से मंजूरी मिल गई।कल से उत्तराखंड से चंडीगढ़, धर्मशाला, मनाली, पांवटा साहिब, मंडी, कुल्लू समेत बिलासपुर के लिए उत्तराखंड, हिमाचल व चंडीगढ़ की रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। हालांकि, अभी उत्तराखंड आने के लिए आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट होने के साथ ही स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ऐसे में आइएसबीटी पर पहले की तरह जांच टीम तैनात की जाएगी। साथ ही परिचालक को यात्रियों का रिकार्ड भी रखना होगा।

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