दून के पटेलनगर स्थित क्लफ क्लाइंबर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने शुरू किया कारोबार

लॉकडाउन में जब पूरा कारोबार बंद सा हो गया तो दून के पटेलनगर स्थित क्लफ क्लाइंबर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने दूसरे क्षेत्र में हाथ आजमाने शुरू किया। शुरुआती दौर में थोड़ी दिक्कत जरूरी आई, मगर धीरे-धीरे नया कारोबार भी आगे बढ़ने लगा। यह काम था पीपीई किट तैयार करने का, जबकि इससे पहले यह फर्म रेडीमेड कपड़े तैयार करती थी। बीते वर्ष मार्च के पहले सप्ताह में कंपनी में सबकुछ सामान्य चल रहा था। इसी बीच 15 मार्च को देहरादून में कोरोना का पहला मामला सामने आया। 22 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में एक दिन का जनता कफ्र्यू लगाया गया। उत्तराखंड सरकार ने 23 मार्च, 2020 से राज्य में लॉकडाउन की घोषणा कर दी। जिससे व्यापारिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ उद्योगों में उत्पादन भी ठप हो गया।

क्लफ क्लाइंबर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रमुख अतुल आनंद ने बताया कि लॉकडाउन का पहले हफ्ता तो यही सोचने में गुजर गया कि अब क्या काम किया जाए। फिर विचार आया कि अपने पास मशीनों का पूरा सेटअप है, क्यों न पीपीई किट का उत्पादन शुरू कर दिया जाए। इसकी बाजार में कमी भी है और अस्पतालों में जरूरत भी है।उन्होंने बताया कि इसके लिए कच्चे माल की व्यवस्था की और काम शुरू कर दिया। अतुल आनंद बताते हैं कि सबसे पहले कर्मचारियों को पीपीई किट का डिजाइन समझाया फिर तैयार करने का तरीका। बस इसके बाद कर्मचारी पीपीई किट तैयार करने लगे।

अतुल आंनद के अनुसार, कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने के साथ पीपीई किट की मांग भी बढऩे लगी। फ्रंटलाइन वारियर्स, पुलिस अधिकारी, कर्मचारी व अस्पताल स्टाफ के लिए पीपीई किट पहनना अनिवार्य हो गया था। इस बीच हमारे पास भी डिमांड आई और हमने देहरादून के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार आदि राज्यों में किटों की सप्लाई शुरू कर दी। क्वालिटी का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे सारा माल हाथों-हाथ निकल गया। क्लफ क्लाइंबर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रमुख अतुल आंनद कहते हैं कि जैसे-जैसे कोरोना के मामले कम होते गए, पीपीई किट की डिमांड भी घटने लगी। सितंबर के बाद फिर से रेडीमेड कपड़ों का काम शुरू कर दिया गया। वह कहते हैं कि ‘मेरा अनुभव यह रहा कि लॉकडाउन में पीपीई किट के उत्पादन में हमें कोई घाटा नहीं हुआ, पूरी लागत प्राप्त हुई। यह तभी संभव हो पाया जब हमने लॉकडाउन को सकारात्मक लिया। एक भी कर्मचारी को इस दौरान नहीं हटाया गया।’

About Surkanda Samachar

View all posts by Surkanda Samachar →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *