योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य में किसी भी प्रकार की आपदा आने पर सरकार का प्रयास रहता है कि 24 घंटे के भीतर पीड़ित के खाते में राहत राशि पहुंचा दी जाए। उन्होंने कहा कि पहले आपदाओं के बाद पीड़ितों को वर्षों तक मुआवजे का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब व्यवस्था में पारदर्शिता और तेजी लाई गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में:
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के तहत 2.51 लाख किसानों को ₹285 करोड़ की क्षतिपूर्ति दी।
- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत 3,500 परिवारों को ₹175 करोड़ की सहायता राशि वितरित की।
- आपदा मित्रों को जीवन बीमा का लाभ भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न जनपदों में कृषि भवनों और मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए होली की शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए राज्य आपदा मोचक निधि में ₹876 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अब तक:
- 5,14,322 किसानों को ₹260 करोड़ कृषि निवेश अनुदान
- 5,398 जनहानि पीड़ितों को ₹216 करोड़
- 27,448 मकान क्षति प्रभावितों को ₹24 करोड़
वितरित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दुर्घटना बीमा योजनाओं में केवल किसान को कवर किया जाता था, परिवार के अन्य सदस्य या बटाईदार शामिल नहीं होते थे। अब योजना का दायरा बढ़ाकर सह-किसानों और परिवार के सदस्यों को भी शामिल किया गया है। दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹5 लाख की सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार ने राहत और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया है, ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक सहयोग मिल सके।

