सीमांत जनपद चमोली में पिरूल से कोयला हो रहा तैयार

केदारनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत इस क्षेत्र में पिरूल की भट्टी से कोयला तैयार करना वन विभाग कि एक अनोखी पहल के रूप में देखी जा रही है। जिस तरह से आये दिन आगजनी की घटनाओं के लिए पिरूल वाले वन क्षेत्र ही सबसे ज्यादा सक्रिय होते है यदि भविष्य में भी पिरूल का इस प्रकार संग्रह करके उपयोग में लाया जाता रहेगा तो निश्चित रूप से वनाग्नि रोकने में यह कारगर कदम सिद्ध होगा।

बता दे कि टँगसा के पास लगी इस भट्टी से अब तक 1 कुंतल पिरूल से बनाया जा चुका है। जबकि इस वन क्षेत्र में पिछले साल करीब 100 कुंतल तक पिरूल का संग्रह किया गया। यह जानकारी देते हुए वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि यहाँ पर बनाये जाने वाले कोयला की गुणवत्ता अच्छी होने के साथ साथ कम कीमत पर भी उपलब्ध है जो कि मात्र ₹ 40 रुपया प्रति किलोग्राम की दर पर उपलब्ध है जिसका क्षेत्र के लोग काफी माँग भी कर रहे है।

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