बुधवार की सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें वे और प्लेन में सवार सभी पाँचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना से पूरे महाराष्ट्र और देश में शोक की लहर दौड़ रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय और राज्य नेता, राजनीतिक दलों और गणमान्य नागरिकों ने अजित पवार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
हालांकि दुर्घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज़ हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे साज़िश की आशंका बताया है और सुझाव दिया है कि इस मामले की सुप्रीम कोर्ट निगरानी में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि
➡️ अजित पवार शरद पवार के पास लौट रहे थे और
➡️ BJP का साथ छोड़ने वाले थे — इसलिए यह हादसा संदेह के काबिल है।
ममता बनर्जी ने कहा है कि वे आधिकारिक जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं करतीं, इसलिए उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच होनी चाहिए।
• कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं। दिग्विजय सिंह ने पूछा कि जिस कंपनी (VSR वेंचर्स) ने यह फ्लाइट ऑपरेट की थी, उसके एक अन्य विमान का 2023 में भी क्रैश हुआ था। उन्होंने पूछा कि
🔹 उसकी जांच रिपोर्ट क्यों नहीं आई,
🔹 और इसके बावजूद उसे उड़ान अनुमति किसने दी?
उन्होंने कहा कि इन सभी सवालों के जवाब तभी मिलेंगे जब निष्पक्ष जांच होगी।
• सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि
➡️ इतने बड़े नेता की मौत पर सवाल उठना स्वाभाविक है,
➡️ निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी।
सरकार का जवाब
देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर राजनीति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा:
“किसी की मौत पर राजनीति करना ठीक नहीं है। आरोप लगाने से पहले कम से कम शरद पवार की बात सुन लेनी चाहिए।”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह एक दुर्घटना थी और इस पर विवाद या साजिश की अफ़वाहें निराधार हैं।
शिंदे ने भी कहा कि
➡️ ऐसी घटनाओं में राजनीति करना उचित नहीं है।
➡️ शरद पवार ने पहले ही स्पष्ट बताया कि यह केवल एक हादसा था।
➡️ महाराष्ट्र दुख के सागर में डूबा हुआ है, ऐसे में संयोग को साजिश बताना गलत है।
स्थिति का सार
🔹 अजित पवार का निधन एक बड़ा राजनीतिक और भावनात्मक सदमा है।
🔹 शोक के बीच कुछ नेताओं ने साज़िश के आरोप लगाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
🔹 वहीं सरकार और अन्य दलों ने इसे सिर्फ़ दुर्घटना बताया है और राजनीति करने की आलोचना की है।

