चिंतन शिविर में भाजपा मुख्यमंत्री के उपचुनाव लडऩे वाली सीट पर भी ले सकती फैसला

 चिंतन शिविर में भाजपा मुख्यमंत्री के उपचुनाव लडऩे वाली सीट पर भी फैसला ले सकती है। तीन माह से अधिक समय होने के बाद भी मुख्यमंत्री की सीट तय हो पाने के चलते विपक्ष भी भाजपा पर हमलावर है। यह सवाल अंदरखाने भाजपा को भी असहज कर रहा है। इसीलिए चिंतन शिविर में सीट तय कर लिए जाने की संभावना अधिक है। दूसरी ओर सीएम बदलने के बाद तमाम कार्यकर्ताओं की नजर दायित्व वितरण पर भी है।

त्रिवेंद्र सरकार में दायित्व पा चुके तमाम कार्यकर्ताओं की उम्मीद नए सीएम तीरथ से है, तो हटाए जाने को लेकर कहीं न कहीं नाराजगी भी है। हालांकि सरकार भी चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को दायित्व से नवाजने का मन बना रही है। चुनाव में जाने से पहले भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को यह दायित्व की सौगात दे सकती है। मुख्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कार्यकर्ताओं को जल्द दायित्व वितरण की बात भी कह चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक चिंतन शिविर में दायित्व वितरण पर भी स्थिति साफ कर दी जाएगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि चिंतन शिविर में राज्य की वर्तमान परिस्थिति और 2022 के चुनाव का रोडमैप तैयार किया जाएगा। कोविड काल में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर तक लोगों की मदद को हाथ बढ़ाया। कोविड को लेकर चर्चा इसलिए भी जरूरी है क्योंकि विपक्षी महज अपने पोस्टर चस्पा करने और धरना प्रदर्शन तक सीमित रहा। विपक्ष आम जनता के साथ खड़ा नहीं दिखा बल्कि सिर्फ खामियों की तलाश और उसे तूल देने की फिराक में रहा। सेवा कार्यो के लिए उसके पास समय नहीं रहा। विपक्ष लोगों के बीच भय का वातावरण बनाने के सिवाय कुछ नही कर सका और टूल किट जैसी साजिश को भी तैयार रहा। कौशिक ने कहा कि शिविर में 2022 के चुनाव के रोडमैप पर चर्चा की जाएगी।

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