कोरोना टीकाकरण अभियान की रफ्तार जरूर बढ़ी; 45 साल से अधिक के व्यक्तियों को वैक्सीन की पहली खुराक लगनी बंद

कोरोना से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान की रफ्तार जरूर बढ़ी है, पर इस कारण वैक्सीन कम पड़ने लगी है। देहरादून जनपद में एक बार फिर वैक्सीन का टोटा हो गया है। यहां कोविशील्ड की आठ, जबकि कोवैक्सीन की करीब 12 हजार की खुराक बची है। ऐसे में 45 साल से अधिक के व्यक्तियों को वैक्सीन की पहली खुराक लगनी बंद हो गई है। वहीं 18-44 आयुवर्ग के व्यक्तियों के टीकाकरण केंद्र भी कम कर दिए गए हैं।बता दें कि टीकाकरण अभियान में पिछले कुछ वक्त में तेजी आई है। सोमवार को भी जिले में 12383 व्यक्तियों को टीका लगाया गया। समस्या ये है कि कोविशील्ड की पहली खुराक लगा चुके काफी लोग भी अब दूसरी खुराक के लिए जरूरी 84 दिन की बाध्यता पूरी कर चुके हैं। ऐसे में दूसरी खुराक का दबाव भी खासा बढ़ गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा सुधीर पांडेय ने बताया कि दूसरी खुराक का अभी काफी बैकलाग है। ऐसे में 45 साल से अधिक के व्यक्तियों को पहली खुराक नहीं लगाई जा रही है। केवल दूसरी खुराक वालों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जा रहा है।

वहीं 18-44 आयुवर्ग के लिए 39 ही केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 18 केंद्रों पर कोविशील्ड और 20 केंद्रों पर कोवैक्सीन की पहली खुराक दी जाएगी। जबकि एक केंद्र पर कोवैक्सीन की दूसरी खुराक लगेगी। 18-44 आयुवर्ग में 5030 व्यक्तियों का टीकाकरण किया जाएगा। वहीं 45 साल से अधिक के 7650 व्यक्तियों को टीका लगेगा। यानी मंगलवार को कुल 12680 व्यक्तियों का टीकाकरण किया जाएगा। आगे के लिए और वैक्सीन की डिमांड भेज दी गई है।राज्य में टीकाकरण की रफ्तार भी अब अच्छी है। सोमवार को प्रदेशभर में 845 केंद्रों पर टीकाकरण किया गया। इस दौरान 89 हजार 627 व्यक्तियों को टीका लगा है।

दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय में आपरेशन शुरू हो गए हैं। कोरोना के चलते यहां करीब दो माह से आपरेशन नहीं किए जा रहे थे। शहर के प्रमुख कोविड अस्पताल, दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय में काफी वक्त से कोरोना संक्रमित मरीजों का ही उपचार किया जा रहा था, लेकिन अब कोरोना का प्रसार काफी कम हो गया है। साथ ही सक्रिय मामले भी काफी कम रह गए हैं। ऐसे में अस्पताल में सभी सेवाएं क्रमबद्ध तरीके से बहाल की जा रही हैं। प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना ने बताया कि सोमवार से आपरेशन शुरू कर दिए गए हैं। कोरोना के मरीज कम आ रहे हैं। ऐसे में अब सामान्य मरीजों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलित इंटर्न चिकित्सकों ने बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार को उन्होंने कालेज परिसर में प्रदर्शन किया। इंटर्न चिकित्सकों का कहना है कि वह अपना मांगपत्र आला अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक को भेज चुके हैं। इसके बाद अपनी मांग के समर्थन में दो दिन काली पट्टी बांधकर काम किया। पर सरकार ने सुध नहीं ली। तीन जुलाई से हड़ताल शुरू की गई, पर सरकार ने तब भी कोई पहल नहीं की। ऐसे में अब बेमियादी हड़ताल का फैसला लिया गया है। उनका कहना है कि देश में सबसे कम 7500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड उन्हें मिल रहा है। इसे बढ़ाकर साढ़े 23 हजार रुपये किया जाए।

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