देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “विजन टू विजिबल डेवलपमेंट” के तहत मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शनिवार को कई ऐसे फैसले लिए, जिनका सीधा फायदा शहरवासियों को मिलेगा। इन निर्णयों का मकसद विकास योजनाओं को कागज़ों से निकालकर लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी तक पहुंचाना है।
एमडीडीए की बैठक में शहर के सुनियोजित विस्तार और बेहतर आवासीय सुविधाओं पर खास जोर दिया गया। इसी कड़ी में लैंड पूलिंग योजना के तहत खरीदी गई जमीन पर मई 2026 तक नई प्लॉटेड हाउसिंग स्कीम शुरू करने पर सहमति बनी है।
प्रस्तावित हाउसिंग परियोजना धौरण क्षेत्र में विकसित की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यह योजना बेहतर शहरी प्लानिंग, पर्यावरण-अनुकूल ढांचे और पारदर्शी नियमों पर आधारित होगी। इससे खासतौर पर मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती और व्यवस्थित आवास विकल्प मिल सकेंगे।
एमडीडीए का लक्ष्य है कि नई कॉलोनियां अव्यवस्थित विस्तार की बजाय आधुनिक सुविधाओं, हरित क्षेत्र, पार्किंग व्यवस्था और बेहतर सड़क नेटवर्क के साथ विकसित हों। इससे ट्रैफिक दबाव और अनियोजित निर्माण की समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि यह योजना सिर्फ भविष्य का वादा नहीं, बल्कि तय समयसीमा के साथ जमीन पर उतरने वाली पहल है। मई 2026 की समयसीमा तय होने से परियोजना की गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित होंगी।
सार: एमडीडीए के इन फैसलों से देहरादून में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती आवास का नया अवसर मिलेगा। शहर का विकास अब सीधे नागरिकों के जीवन स्तर से जुड़ता दिखेगा।

