दिल्ली मेट्रो का परिचालन भले ही 100 फीसद सिटिंट कैपिसिटी के साथ के बावजूद लाखों यात्रियों को रोजाना लेटलतीफी का सामना करना पड़ रहा

दिल्ली मेट्रो का परिचालन भले ही 100 फीसद सिटिंट कैपिसिटी के साथ किया जा रहा हो, बावजूद इसके लाखों यात्रियों को रोजाना लेटलतीफी का सामना करना पड़ रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है कि दिल्ली मेट्रो रेल निगम द्वारा सभी गेटों को नहीं खोला जाना, जिससे यात्रियों को 30 मिनट से लेकर कभी-कभार 1 घंटे तक गेट के बाहर ही इंतजार करना पड़ता है। यह स्थिति रोजाना की है, खासकर पीक आवर में यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती है। पिछले कई दिनों से दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर पीक आवर में लोगों को 40 मिनट तक लाइन में लगना पड़ रहा है, तब जाकर मेट्रो स्टेशन पर एंट्री मिलती है। ऐसे में अगर आपको दफ्तर या अन्य काम से जाना है तो मेट्रो यात्रा के लिए 40 मिनट पहले घर से निकलना पड़ेगा।

दिल्ली मेट्रो रेल निगम बीच-बीच में लोगों से यह अपील करता रहा है कि जब भी यात्रा के लिए निकलें तो एक्स्ट्रा समय लेकर निकले। दिल्ली मेट्रो के मुताबिक, ऐसा इसलिए करना जरूरी है  क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण की सख्त गाइडलाइन का पालन करने की वजह से उन्हें देरी नहीं हो। इसके अलावा एहतियातन कुछ एंट्री गेट बंद भी किए गए हैं। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर मेट्रो स्टेशनों के गेटों को कुछ देर के लिए बंद तक किया जा रहा है।पिछले दिनों डीएमआर की ओर से अनुरोध किया गया था कि मेट्रो के भीतर खड़े रहने की अनुमति नहीं होने की वजह से यात्रियों द्वारा मेट्रो के लगभग 80 फीसद स्थान का उपयोग नहीं किया जा सकता। ऐसे में स्टेशन तक पहुंचने में यात्रियों को अतिरिक्त समय लग सकता है। कृपया अपनी यात्रा में अतिरिक्त समय लेके चलें I

यात्रियों को कोच के अंदर शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने के साथ ही मास्क लगाना भी अनिवार्य है। इसके साथ डीएमआरसी ने सभी यात्रियों और पर्यटकों  से अपील की है कि वो दिल्ली मेट्रो में यात्रा के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का ख्याल रखें, जिससे इस बीमारी के फैलाव पर लगाम लगाई जा सके।दिल्ली मेट्रो में 100 फीसद बैठने की क्षमता की अनुमति देने के दिल्ली सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि मेट्रो का इस्तेमाल करना अनिवार्य नहीं है, आप चाहे तो यात्र न करें। याचिकाकर्ता व अधिवक्ता एसबी त्रिपाठी द्वारा रेस्तरां व सिनेमाहाल में 50 फीसद की व्यवस्था देने की दलील पर पीठ ने पूछा कि क्या सिनेमाहाल और मेट्रो का वातावरण एक जैसा है? पीठ ने कहा अब स्कूल खुल रहे हैं। उद्देश्य सिर्फ इतना है कि जब आप बाहर हैं और यात्र कर रहे हैं तो मास्क लगाएं। अगर, आप ऐसा नहीं कर सकते हैं तो मेट्रो में सफर न करें। पीठ ने उक्त टिप्पणी करते हुए याचिका खारिज कर दी।

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