उत्तराखंड में बिजली की दरो में बढ़ोतरी

उत्तराखंड में बिजली की दरों में किसान, बीपीएल और 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को बड़ी राहत दी गई है। इस श्रेणी में यूपीसीएल ने किसी भी तरह की वृद्धि का प्रस्ताव नहीं रखा है। सिर्फ घरेलू दरों में 1.99%, कॉमर्शियल दरों में 4.05%, एलटी उद्योग में 2.5%, उद्योगों में 5.13% तक वृद्धि का प्रस्ताव भेजा गया है। कुल औसत 4.56% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा गया है।  ऊर्जा निगम की ओर से विधिवत नई दरों का प्रस्ताव उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) को भेज दिया गया है।

पहले यह प्रस्ताव 30 नवंबर तक भेजा जाना था। लेकिन, तब ऊर्जा निगम ऐसा नहीं कर सका। इसके बाद आयोग ने 31 दिसंबर तक का समय दिया। इस समयसीमा पर भी ऊर्जा निगम प्रस्ताव भेजने में नाकाम रहा। आखिर में आयोग ने हर हाल में 15 जनवरी तक प्रस्ताव भेजने के निर्देश दे दिए। इस पर यूपीसीएल ने बोर्ड बैठक का इंतजार किए बिना ही परिचालन से प्रस्ताव पास कर इसे आयोग को भेज दिया है। बीपीएल और किसानों को राहत: नए प्रस्ताव के अनुसार, बीपीएल और कृषि क्षेत्र में बिजली दरों में किसी भी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।

हर महीने 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले लोगों पर भी किसी तरह का अतिरिक्त भार नहीं डाला गया है। अब आयोग इस प्रस्ताव का परीक्षण करने के साथ ही जन सुनवाई कर मार्च अंतिम हफ्ते में नई दरें जारी करेगा, जो एक अप्रैल से लागू होंगी। आयोग की सख्ती से यूपीसीएल ने पीछे खींचे कदम: आयोग बिजली दरों को लेकर लगातार पिछले कई साल से सख्त रुख अपनाए हुए है। यही वजह रही कि 2018-19 में नियामक आयोग ने बिजली के घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में कोई फेरबदल नहीं किया। यही स्थिति 2019-20 में भी रही। उल्टा, इस साल मौजूदा दरों में ही और अधिक कटौती कर दी गई थी। ऐसे में इस बार यूपीसीएल ने खुद न्यूनतम वृद्धि का प्रस्ताव भेजा है।

प्रस्ताव
श्रेणी              वर्तमान    प्रस्तावित

घरेलू              4.44        4.53
कॉमर्शियल      6.38       6.65
उद्योग             6.03       6.35 दर रुपये प्रति यूनिट में
(नोट: यूपीसीएल की ओर से आयोग को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार)

छोटे उद्योगों के लिए वृद्धि का प्रस्ताव नहीं
25 किलोवॉट तक छोटे उद्योगों के लिए बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं किया गया है। औद्योगिक गति को बढ़ावा देने के लिए वोल्टेज के आधार पर बड़े उद्योगों में फिक्स चार्ज तय किया गया। ऐसा उद्योगों को लाभ देने को किया गया। जो उद्योग ज्यादा बिजली प्रयोग करेगा, उसे अधिक लाभ होगा।

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