
उत्तराखंड में एक बार फिर प्रकृति का कहर टूटा है। रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में मंगलवार देर रात बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। घटनाएं रुद्रप्रयाग के बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली के देवाल क्षेत्र में दर्ज की गई हैं।
प्रभावित इलाकों में कई परिवार मलबे में फंसे बताए जा रहे हैं। चमोली के देवाल क्षेत्र के मोपाटा गांव में दो लोग – तारा सिंह और उनकी पत्नी – लापता हैं, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हुए हैं। प्रशासनिक टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने और राहत कार्यों में जुटी हैं।
🌧️ तेज़ बारिश और सैलाब से जनजीवन अस्त-व्यस्त
चमोली जिले के देवाल, जोशीमठ, थराली, कर्णप्रयाग, गैरसैंण सहित कई क्षेत्रों में तेज़ बारिश के कारण नदी-नालों में उफान आ गया है। पहाड़ों से आया मलबा कई घरों में घुस गया है, जिससे लोगों को रातोंरात अपने घर छोड़ने पड़े।
रुद्रप्रयाग में भी मूसलाधार बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं। गौरीकुंड, रुद्रप्रयाग, बद्रीनाथ और ऋषिकेश को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन की वजह से बंद हो गए हैं। कई वाहन फंसे हुए हैं और यात्री सुरक्षित स्थानों पर पनाह लेने को मजबूर हैं।
📣 सीएम धामी का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर घटना को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा:
“बड़ेथ डुंगर तोक (रुद्रप्रयाग) और देवाल क्षेत्र (चमोली) में बादल फटने की दुखद सूचना प्राप्त हुई है। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है। जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं। बाबा केदार से सभी की कुशलता की प्रार्थना करता हूं।”
🚧 राहत-बचाव कार्य जारी
- SDRF, पुलिस, और प्रशासनिक टीमें मौके पर तैनात
- लापता लोगों की तलाश जारी
- क्षतिग्रस्त सड़कों को खोलने का कार्य प्रगति पर
- संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को अस्थायी शिविरों में पहुंचाया जा रहा है
📌 सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों के पास न जाएं, भूस्खलन संभावित इलाकों से दूरी बनाएं, और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत आपदा कंट्रोल रूम से संपर्क करें