बेरोजगारी के म़ुद्दे पर उपवास में बैठे पूर्व सीएम

उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत देहरादून स्थित अपने आवास पर बेतहाशा बढ़ती हुई बेरोजगारी तथा सरकार द्वारा बेरोजगारों की उपेक्षा की ओर राज्य व केंद्र सरकार का ध्यान केंद्रित करने एवं बेरोजगारों के सवालों को उठाने के लिये व सार्वजनिक विमर्श का केंद्र बनाने के लिये सांकेतिक उपवास पर बैठे।

इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों के चलते बेरोजगारी चरम पर है। जिससे युवाओं में आक्रोश है। कहा भाजपा सरकारें युवाओं को रोजगार दिलाने में पूरी तरह से असफल रही है। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस ने मुख्यालय में धरना दिया। कहा कि प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार जिन मुद्दों पर सत्ता में आई उनकी अनदेखी कर रही है। पिछले साढ़े तीन साल के कार्यकाल के बाद भी सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है।

त्रिवेंद्र सरकार को झकझोरने के लिए ही ये धरना आयोजित गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी से जूझते प्रदेशवासियों को कोराना काल में घर वापसी करने वाले प्रवासी भुखमरी की कगार पर हैं। उनके हित में सरकार के पास कोई योजना नहीं है। सारे विभागों में पद खाली पड़े हैं और प्रदेश के युवा सरकार की तरफ टकटकी लगाए हुए हैं।

पर सरकार अब तक उन्हें नौकरी नहीं दे पाई। इस दौरान उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र कुमार, ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव अनुपमा रावत, पूर्व प्रमुख प्रभुलाल बहुगुणा, जसबीर सिंह रावत, प्रदेश प्रवक्ता मनीष कर्णवाल, प्रवीण नौटियाल अभिषेक भंडारी मौजूद रहे।

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