उत्तराखंड की गढ़वाली, कुमाउनी और जौनसारी बोलियां होंगी संरक्षित, समिति विस में रखेगी अपनी रिपोर्ट

उत्तराखंड की प्रमुख गढ़वाली, कुमाउनी और जौनसारी बोलियों के संरक्षण के लिए विधायकों की समिति बनाई जाएगी। मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड आंदोलन के प्रणेता स्व. इंद्रमणि बडोनी की पुण्यतिथि के अवसर पर यह घोषणा की।

उन्होंने कहा कि राज्य की बोली भाषा एवं परंपराएं विलुप्त हो रही हैं। इसलिए विधान सभा में अन्य समितियों की तरह इसके लिए विधायकों की समिति गठित की जाएगी, जिसकी रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी। अगले सत्र में समिति का गठन कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विधानसभा परिसर दून में गढ़वाली, कुमाउनी और जौनसारी बोली एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए विधायकों की उपस्थिति में लोक कलाकारों का एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्व. इंद्रमणि बडोनी का योगदान राज्य के लिए महत्वपूर्ण रहा है।

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