देहरादून/रुड़की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की स्थित कोर यूनिवर्सिटी में आयोजित नेशनल पैरालंपिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते एक दशक में भारत के खेल इतिहास में अभूतपूर्व बदलाव आया है और यह दौर भारतीय खेलों का स्वर्णिम अध्याय बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि भारत की उस अदम्य इच्छाशक्ति का उत्सव है, जो हर बाधा को चुनौती और हर चुनौती को अवसर में बदल देती है। उन्होंने पावरलिफ्टिंग को अनुशासन, धैर्य, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह खेल केवल शारीरिक ताकत नहीं, बल्कि हौसले और आत्मसम्मान की मिसाल है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी आज हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने मुरलीकांत पेटकर, सत्येंद्र सिंह लोहिया, पैरा तीरंदाज शीतल देवी और टी-20 ब्लाइंड वूमेन क्रिकेट वर्ल्ड कप-2025 जीतने वाली भारतीय टीम की उपलब्धियों का उल्लेख किया। साथ ही टोक्यो पैरालंपिक में अवनी लेखरा और सुमित अंतिल के स्वर्ण पदक, पेरिस पैरालंपिक-2024 में भारत के 29 पदक और एशियन यूथ पैरा गेम्स-2025 में 110 पदकों की ऐतिहासिक सफलता को देश की बढ़ती खेल शक्ति का प्रमाण बताया।
समारोह में उपस्थित पद्मश्री डॉ. दीपा मलिक का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भारत की पहली महिला पैरालंपिक पदक विजेता हैं और उनका जीवन संघर्ष व सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और “खेलो इंडिया” जैसी पहल से देश में खेल प्रतिभाओं को नया मंच मिला है, साथ ही स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से राज्य ने “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी पहचान बनाई है। राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर 7वां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अंत में मुख्यमंत्री ने दिव्यांग खिलाड़ियों के माता-पिता की सराहना करते हुए कहा कि उनके सहयोग और विश्वास ने बच्चों को देश की प्रेरणा बना दिया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार दिव्यांग खिलाड़ियों के हर प्रयास में उनके साथ खड़ी है।
इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. दीपा मलिक, पैरालम्पिक कमेटी ऑफ इंडिया के महासचिव जयवंत हम्मुनावा, इंडिया पैरा पावरलिफ्टिंग के चेयरपर्सन जेपी सिंह, पैरा रॉ लिफ्टिंग के उपाध्यक्ष शुभम चौधरी, कोर यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जेसी जैन सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
