कुमाऊं में भी स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने को लेकर डबल इंजन की सरकार कवायद में जुटी

कुमाऊं में भी स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने को लेकर डबल इंजन की सरकार कवायद में जुटी है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को कुमाऊं के केंद्र हल्द्वानी में स्थापित करने के लिए बुधवार को चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत अफसरों के संग केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से मिले। प्रस्ताव सौंपा। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन भी दिया है।उत्तराखंड के गढ़वाल रीजन में एम्स स्थापित है। भौगोलिक परिस्थिति अलग होने के चलते कुमाऊं के लोग एम्स ऋषिकेश नहीं पहुंच पाते हैं। इस रीजन में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। यही कारण है कि लंबे समय से कुमाऊं में एम्स खोलने की मांग जोर पकडऩे लगी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले को पीएम नरेंद्र मोदी के समक्ष भी रखा था।  अब प्रक्रिया को विधिवत रूप से आगे बढ़ाने के लिए बुधवार को चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से मुलाकात की।डा. रावत ने जागरण से बातचीत में कहा कि कुमाऊं में भी स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त करने के लिए एम्स खोलना जरूरी है। एम्स खोलने की सभी संभावनाओं के आधार पर पूरा प्रस्ताव बनाकर मंत्री को सौंपा गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी हमारे प्रस्ताव को स्वीकृति देने का आश्वासन दिया है। डा. रावत ने बताया कि प्रस्ताव स्वीकृति मिलते ही भूमि भी तय कर ली जाएगी। इसके लिए कई जगह भूमि देखी जा चुकी है।राज्य में पहले से ही एम्स है। इसलिए दूसरा एम्स खोलना इतना आसान नहीं है। इसके लिए सरकार को हर स्तर पर मजबूत पैरवी करनी होगी। स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत ने बताया कि कुमाऊं के छह जिलों के अलावा पश्चिम उत्तर प्रदेश के मरीज भी हल्द्वानी इलाज को पहुंचते हैं। अगर एम्स खुल जाता है तो कुमाऊं के अलावा उत्तर प्रदेश के चार-पांच जिलों के लिए निवासियों को भी लाभ मिलेगा। प्रस्ताव में इस बात का भी जिक्र किया गया है।जनसरोकारों के लिए प्रतिबद्ध दैनिक जागरण लगातार बदहाल हेल्थ सिस्टम को लेकर मुखर रहता है। इस बीच 18 सितंबर से 21 सितंबर तक कुमाऊं की स्वास्थ्य सुविधाएं और मेडिकल कॉलेजों की बदहाली को उजागर करती रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसके बाद मामले को संज्ञान लेते सीएम पुष्कर सिंह धामी ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के साथ ही नियुक्तियों व बजट जारी करने के आदेश दिए थे। वहीं अब चिकित्सा शिक्षा मंत्री की एम्स खोलने की मजबूत पैरवी से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद जगने लगी है।

 

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