गृहमंत्री अमित शाह कश्मीर दौरे में जब मंच पर बोलने के लिए आए तो उससे पहले ही हटवाया बुलेटप्रूफ कांच

कश्मीर के दौरे के आखिरी दिन श्रीनगर में विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन करने के उपरांत पारंपरिक कश्मीरी फेरन पहने गृहमंत्री अमित शाह जब मंच पर बोलने के लिए आए तो उससे पहले ही उन्होंने वहां लगी बुलेटप्रूफ कांच को हटा दिया। बुलेटप्रूफ कांच हटाए जाने के बाद गृहमंत्री शाह ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के लोगों से सीधे बात करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि “मुझे ताना मारा गया, निंदा की गई … आज मैं आपसे खुलकर बात करना चाहता हूं, यही वजह है कि यहां कोई बुलेटप्रूफ शील्ड या सुरक्षा नहीं है। डॉ फारूक साहब ने मुझे पाकिस्तान से बात करने का सुझाव दिया है लेकिन मैं कश्मीर के युवाओं-यहां के लोगाें से बात करूंगा। मुझे यहां केे युवाओं से दोस्ती करनी है। कश्मीर के लोग मेरे अपने हैं, मुझे उनकी बात सुननी है।शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में सभा को संबोधित करत हुए गृहमंत्री ने कश्मीर के लोगों को इस बात का विश्वास दिलाया कि अब कोई भी ताकत यहां की शांति और जारी विकास योजनाओं को रोक नहीं सकती। उन्होंने पूरे दावे के साथ लोगों से कहा कि अब आप लोग अपने दिन से डर को बाहर निकाल दें। कश्मीर की शांति और विकास को अब कोई नहीं बिगाड़ सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में विकास तेजी से बढ़ेगा। इस प्रक्रिया में किसी को भी खलल डालने नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कश्मीर के युवाओं से भी अपील की कि वे भी कश्मीर के विकास में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि आज मैं कश्मीर के युवाओं से यही अपील करने आया हूं कि जिन्होंने आपके हाथ में पत्थर पकड़ाए थे, उन्होंने आपका क्या भला किया? जिन्होंने आपके हाथ में हथियार पकड़ाए थे, उन्होंने आपका क्या भला किया? उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए कश्मीर के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। आज नया कश्मीर आपके सामने है। आज 30,000 लोग लोकतांत्रिक तरीके से कश्मीर के लोगों के प्रतिनिधि बन गए हैं। मैं कश्मीर के युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में शामिल होने और कई स्तरों पर जनप्रतिनिधि बनने का आह्वान करता हूं।गृहमंत्री अमित शाह ने यह घोषणा भी की कि जम्मू और कश्मीर में 20,000 से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी दी गई है। यही नहीं 6,000 लोगों को आज नौकरी मिलने वाली है। ये सभी भर्तियां पारदर्शी तरीके से की गई हैं। सही कौशल वाले लोगों को बिना भाई-भतीजावाद के काम पर रखा गया है। इससे पहले आज सुबह अमित शाह ने जिला गांदरबल में खीर भवानी मंदिर में पूजा-अर्चना की। एक पारंपरिक कश्मीरी फेरन पहने, अमित शाह ने माता राग्या देवी के मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी थे।

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