देवस्थानम बोर्ड और भू-कानून के बाद कांग्रेस अब प्रदेश में आंदोलनरत कार्मिकों के समर्थन में उतर गई है

देवस्थानम बोर्ड और भू-कानून के बाद कांग्रेस अब प्रदेश में आंदोलनरत कार्मिकों के समर्थन में उतर गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कर्मचारियों की समस्याओं पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में फ्रीज किया गया अभी तक बहाल नहीं किया गया है। केंद्र सरकार और अन्य राज्य यह कदम उठा चुके हैं। राज्य सरकार कुंभकर्णी नींद में है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी वर्ग आंदोलित है। उनके वेतन समेत विभिन्न मुद्दों का निराकरण नहीं हो रहा है। कांग्रेस कार्मिकों के साथ है। ऐसे तमाम आंदोलनों का पार्टी समर्थन करती है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में सोमवार को पत्रकारों से मुखातिब गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य के कर्मचारी बेसब्री से डीए बहाल होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। केंद्र और राज्य की सरकारों ने कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात कर डीए में कटौती कर दी थी। उन्होंने केंद्र सरकार के डीए में 10 फीसद वृद्धि को नाकाफी बताया। गोदियाल ने कहा कि समान कार्य-समान वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर उपनल और मनरेगा कर्मचारियों ने दो माह से अधिक समय तक आंदोलन किया था। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और गणेश जोशी ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया, लेकिन उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई।

वेतन विसंगति नहीं हो रही दूरवेतन विसंगति को लेकर कर्मचारियों में रोष को लेकर भी गोदियाल सरकार पर भड़के। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वेतन विसंगतियों का निराकरण नहीं हो पा रहा है। कर्मचारी समान रूप से वेतन पाने के हकदार हैं। वेतन के मामले में आंख-मिचौली का खेल खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों का मानदेय 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने के कैबिनेट के फैसले का शासनादेश अब तक जारी नहीं हो सका। पुलिस का मनोबल गिरायाउन्होंने कहा कि एएनएम के 600 रिक्त पदों पर अभी तक भर्ती नहीं कराई गई।

पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे को घटाया गया है। उनके 4600 ग्रेड पे को घटाकर 2800 कर दिया है। पुलिस कर्मचारियों के स्वजन को सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा है। कोरोना काल में संकटमोचक की भूमिका में रहे पुलिस कर्मचारियों के मनोबल को गिराया जा रहा है। रोजगार पर जारी हो श्वेत पत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार पिछले आठ महीनों से कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण को समितियां गठित कर रही है, लेकिन हालत जस के तस हैं। गोदियाल ने बेरोजगारी को लेकर भी सरकार पर हमला बोला।पहले मुख्यमंत्री ने 7.50 लाख को रोजगार देने की बात कहकर जनता को भ्रमित किया। अब 22 हजार नियुक्तियां देने के लिए कसरत की जा रही है। उन्होंने सरकार से रोजगार पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। यह विडंबना है कि ऊर्जा निगम में 160 व पिटकुल में 92 पदों पर भर्ती परीक्षा हुई। 252 पदों पर ही परिणाम के बाद अभिलेख सत्यापन भी हुआ। धांधली के आरोप लगने पर परीक्षा रद की गई।

About Surkanda Samachar

View all posts by Surkanda Samachar →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *