दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और निम्न दबाव क्षेत्र के असर से पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक मौसम में हलचल देखने को मिलेगी। कहीं बारिश तो कहीं सर्द हवाओं के चलते ठंड बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चलेंगी। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है।
दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। सुबह के समय हल्की धुंध दिखाई दे सकती है और 10–20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सुबह हल्की बारिश हो सकती है। यहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। वहीं बिहार की राजधानी पटना में मौसम साफ रहने की संभावना है और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। यहां भी आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं।
निम्न दबाव क्षेत्र के चलते पश्चिमी हिमालयी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश या बर्फबारी भी हो सकती है।
हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार नॉर्थ-वेस्ट इंडिया के मैदानी इलाकों में शनिवार को मौसम में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है।
IMD ने बताया कि 26 से 28 जनवरी के बीच एक और तेज वेस्टर्न डिस्टर्बेंस नॉर्थ-वेस्ट इंडिया को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते 27 जनवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कई जगहों पर भारी बारिश या बर्फबारी की संभावना है।
दिल्ली समेत नॉर्थ-वेस्ट इंडिया के मैदानी इलाकों में अगले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान 3–5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इसके बाद अगले दो दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। फिर अगले तीन दिनों में 2–4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
मध्य भारत में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2–4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद चार दिनों में 2–3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
महाराष्ट्र में अगले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान 2–3 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है, जबकि उसके बाद तीन दिनों तक तापमान में हल्की बढ़ोतरी के आसार हैं। देश के अन्य हिस्सों में फिलहाल तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।

