भारत को इसी जुलाई महीने के अंत में 5 राफेल फाइटर विमानों की आपूर्ति

भारतीय वायुसेना ने कहा है कि पायलट और ग्राउंड स्टाफ ने राफेल फाइटर के लिए लम्बा और कठिन प्रशिक्षण लिया है इसमें अत्याधुनिक हथियारों और दूसरे सिस्टम की ट्रेनिंग शामिल थी।भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने इस एयरक्राफ्ट की उच्च मारक क्षमता का गहनता से निरीक्षण किया है और इसके बाद अब वे इस फाइटर विमान के साथ कार्य करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

भारतीय वायुसेना के अनुसार राफेल के भारत में आते ही यह प्रयास किया जायेगा कि राफेल विमान को शीघ्र ही अलग-अलग उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाए। जानकारी के अनुसार भारत-चीन सीमा पर हालिया विवाद के मद्देनजर लद्दाख सीमा में जल्द ही राफेल तैनात किये जा सकते है ताकि चीन कि तरफ से आने वाले किसी भी खतरे से निपटा जा सके।

वही दूसरी तरफ सोमवार को चीन सीमा विवाद के बीच भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के एक समूह ने एक साथ अंडमान निकोबार तट के पास सैन्य अभ्यास किया। यह संयुक्त नौसेना युध्याभ्यास उस समय पर हुआ जब अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप दक्षिण चीन सागर से हिंद महासागर क्षेत्र से गुजर रहा था।

यूएसएस निमित्ज विश्व का सबसे बड़ा युद्धपोत है और दोनों देशो की सेनाओं के मध्य इस अभ्यास का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि यह ऐसे समय पर हो रहा है। जब पूर्वी लद्दाख और दक्षिण चीन सागर में चीन की सेना आक्रामक रूख अपना रही है।

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