ईरान ने चीन से की डील

नई दिल्ली। ईरान ने सामरिक रूप से अहम चाबहार जाहेदान रेल प्रोजेक्ट से भारत को दरकिनार कर दिया है। ईरान ने अकेले ही इस रेल प्रोजेक्ट को पूरा करने का फैसला किया है।

ईरान के इस फैसले को भारत के लिए झटका माना जा रहा है। हालांकि ईरान ने यह भी साफ किया है कि इस प्रोजेक्ट में भारत के लिए दरवाजे बंद नहीं हैं। अगर भारत इस प्रोजेक्ट में शामिल होना चाहता है, तो हो सकता है।

चाबहार जाहेदान रेल प्रोजेक्ट से भारत को दरकिनार किए जाने का मामला उस समय सामने आया है, जब ईरान और चीन 25 साल के लिए 400 अरब डॉलर के आर्थिक और सुरक्षा सामरिक भागीदारी डील को अंतिम रूप देने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक भारत द्वारा इस प्रोजेक्ट की फंडिंग में देरी किए जाने की वजह से ईरान ने यह फैसला लिया है।

ईरान के फर्स्ट वाइस प्रेसिडेंट इशाघ जहांगिरी ने कहा कि चाबहार जाहेदान रेल प्रोजेक्ट के लिए ईरान सरकार ने नेशनल डेवलपमेंट फंड से 30 करोड़ डॉलर देने का फैसला लिया है। इससे पहले इस रेल प्रोजेक्ट को ईरान की इस्लामिक रिपब्लिक रेलवे और इंडियन रेलवे कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को पूरा करना था।

ईरान सरकार का यह भी कहना है कि इस प्रोजेक्ट में इंडियन रेलवे कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के शामिल होने के लिए रास्ते हमेशा खुले हैं। अमेरिका के प्रतिबंध और दबाव के चलते भारत के रुचि नहीं लेने को ओर संकेत करते हुए ईरानी प्रशासन ने कहा कि भारत के साथ ईरान के रिश्तों की कोई सीमा नहीं हैं।

एक दोस्त के रूप में भारत का हमेशा स्वागत किया गया है और आगे भी किया जाएगा।

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