महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत प्रदेश में कार्यरत कर्मचारी हटाए नहीं जाएंगे; हड़ताल समाप्त

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत प्रदेश में कार्यरत कर्मचारी हटाए नहीं जाएंगे। शासन ने उन्हें काम पर लौटने के लिए नौ जून तक का समय दिया है। इस संबंध में जारी आदेश में यह भी साफ किया गया है कि इस अवधि तक योगदान न देने वाले कर्मियों के खिलाफ 20 मई के आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, शासन के इस रुख के बाद मनरेगा कर्मियों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है।

प्रदेशभर में कार्यरत 1294 मनरेगा कर्मी पिछले 85 दिन से नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर थे, जिस कारण मनरेगा के कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे। लगातार आग्रह के बाद भी जब मनरेगा कर्मी काम पर नहीं लौटे तो शासन ने 20 मई को आदेश जारी कर इनकी सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए थे। दो जिलों में इन्हें हटाने के आदेश भी जारी कर दिए गए थे। इस बीच मनरेगा कर्मियों की सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से दो दौर की वार्ता हुई। सरकार की ओर से साफ किया गया कि मनरेगा कर्मी हटाए नहीं जाएंगे और वे पूर्व व्यवस्था के तहत कार्य करते रहेंगे।

अब अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इसके मुताबिक मनरेगा कर्मियों को पूर्व प्रचलित व्यवस्था व प्रक्रिया के तहत उनके पूर्व तैनाती पर स्थल पर योगदान की अनुमति प्रदान की गई है। उधर, यह आदेश जारी होने के बाद मनरेगा कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुंदरमणी सेमवाल ने हड़ताल वापसी का एलान कर दिया। उन्होंने सरकार व शासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि मनरेगा कर्मचारी निर्धारित अवधि के भीतर काम पर लौट आएंगे।

About Surkanda Samachar

View all posts by Surkanda Samachar →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *